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गोमती रिवर फ्रंट घोटाला: राजभर ने अखिलेश पर लगाए आरोप, बोले — 'यह तो पार्ट-1 है'

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गोमती रिवर फ्रंट घोटाला: राजभर ने अखिलेश पर लगाए आरोप, बोले — 'यह तो पार्ट-1 है'

सारांश

सुभासपा प्रमुख और यूपी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में कथित गड़बड़ी का 'पार्ट-1' पेश किया — आरोप है कि पूरा बजट खर्च होने के बाद भी 60% काम अधूरा रहा। राजभर ने चेताया कि यह सिर्फ शुरुआत है।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 22 जून को एक्स पर पोस्ट कर गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
राजभर का दावा — परियोजना का पूरा बजट खर्च होने के बावजूद केवल 60% काम पूरा हुआ, 40% की राशि कथित तौर पर अन्यत्र खर्च की गई।
राजभर ने इसे अपने खुलासों का 'पार्ट-1' बताया और आगे और फाइलें सार्वजनिक करने की चेतावनी दी।
ये आरोप अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल (2012–2017) से जुड़े बताए गए हैं।
सभी आरोप राजभर के व्यक्तिगत दावे हैं; जाँच एजेंसियाँ कथित तौर पर मामले की पड़ताल में जुटी हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 22 जून को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोलते हुए गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। राजभर ने दावा किया कि परियोजना का संपूर्ण बजट खर्च कर दिया गया, जबकि कथित तौर पर केवल 60 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका।

राजभर का बड़ा दावा

राजभर ने स्पष्ट किया कि यह उनके खुलासों की केवल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल से जुड़े कथित घोटालों की 'एक-एक फाइल' जनता के सामने रखी जाएगी। गौरतलब है कि सुभासपा प्रमुख इन दिनों लगातार सपा नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं।

एक्स पर पोस्ट में क्या लिखा

राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'गोमती रिवर फ्रंट का जो फंड था उसे आपने 2017 के चुनाव में खर्च किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई नोटबंदी की वजह से आप, अतीक अहमद के काले धन का इस्तेमाल नहीं कर पाए। यही वजह है कि गोमती रिवर फ्रंट का पूरा बजट खर्च करने के बावजूद सिर्फ 60 फीसदी काम ही पूरा हो सका। 40 फीसदी काम पर जो पैसा खर्च होना था, वह सैफई परिवार की तिजोरी और विधानसभा चुनाव में खर्च हुआ।'

अखिलेश पर तीखा प्रहार

राजभर ने आगे लिखा, 'अखिलेश यादव को लगा था कि सरकार में वापसी के साथ अपनी चोरी छिपा ले जाएंगे, लेकिन पाप का घड़ा भर चुका था। घोटालेबाजों की सरकार हार गई। सभी घोटाला सामने आ गया। यह अखिलेश राज के भ्रष्ट काले कारनामों का एक नमूना भर है।' उल्लेखनीय है कि ये सभी आरोप राजभर के व्यक्तिगत दावे हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

जाँच एजेंसियों पर भरोसा

राजभर ने यह भी कहा कि संबंधित संस्थाएं और जाँच एजेंसियाँ गोमती रिवर फ्रंट मामले में सच्चाई सामने लाने में जुटी हैं। उन्होंने कहा, 'पूरी फाइल लेकर बैठा हूं। धीरज रखें, जेल में न एसी मिलेगी, न ट्विटर होगा और न ही पीसी कर पाएंगे।' यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से अखिलेश यादव पर लक्षित थी। आगामी दिनों में राजभर के और खुलासों की संभावना से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किसी भी आरोप को अदालत में अब तक साबित नहीं किया गया है। असली कसौटी यह होगी कि राजभर की 'फाइलें' केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहती हैं, या वे जाँच एजेंसियों को ठोस साक्ष्य सौंपते हैं। 'पार्ट-1, पार्ट-2' की शैली में खुलासे करना मीडिया चक्र को जीवित रखने की पुरानी रणनीति है — जवाबदेही के लिए ज़रूरी है कि दावे सत्यापन की कसौटी पर खरे उतरें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोमती रिवर फ्रंट परियोजना क्या है और इस पर आरोप क्यों लगे हैं?
गोमती रिवर फ्रंट लखनऊ में गोमती नदी के किनारे विकसित की गई एक शहरी पुनर्विकास परियोजना है, जो अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल (2012–2017) में शुरू हुई थी। ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया है कि परियोजना का पूरा बजट खर्च होने के बावजूद केवल 60% काम पूरा हो सका।
ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर क्या लिखा?
राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि गोमती रिवर फ्रंट का फंड 2017 के चुनाव में खर्च किया गया और 40% काम की राशि कथित तौर पर 'सैफई परिवार की तिजोरी' में गई। उन्होंने नोटबंदी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इससे काले धन का उपयोग रुक गया।
राजभर ने 'पार्ट-1' क्यों कहा — आगे और खुलासे होंगे?
राजभर ने स्पष्ट किया कि यह उनके खुलासों की शृंखला की पहली कड़ी है। उनका दावा है कि उनके पास अखिलेश सरकार के कार्यकाल से जुड़ी और भी फाइलें हैं, जिन्हें वे क्रमशः सार्वजनिक करेंगे।
इन आरोपों की अब तक जाँच हुई है?
राजभर के अनुसार संबंधित संस्थाएं और जाँच एजेंसियाँ गोमती रिवर फ्रंट मामले की पड़ताल में जुटी हैं। हालाँकि, ये सभी आरोप अभी राजभर के व्यक्तिगत दावे हैं और किसी अदालत या जाँच एजेंसी ने इन्हें अब तक आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं किया है।
सुभासपा और सपा के बीच यह विवाद क्यों बढ़ रहा है?
सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर इन दिनों लगातार सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमलावर हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह टकराव उत्तर प्रदेश की बदलती राजनीतिक समीकरणों और आगामी चुनावी तैयारियों की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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