नीट-पीजी 2026: 2,73,183 मेडिकल ग्रेजुएट्स की परीक्षा आज, 340 शहरों में 1,300 केंद्र तैयार
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्ट-ग्रेजुएट (नीट-पीजी 2026) रविवार, 31 अगस्त 2026 को देश भर के 340 शहरों में स्थित 1,300 परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के अनुसार, इस वर्ष 2,73,183 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है — जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
परीक्षा का नया पैटर्न और केंद्र चयन
इस वर्ष परीक्षा के प्रारूप में उल्लेखनीय बदलाव किए गए हैं। उम्मीदवारों को 210 मिनट में 180 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे, जिससे प्रत्येक प्रश्न के लिए पहले की तुलना में अधिक समय मिलेगा। इसके अलावा, अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के लिए तीन राज्यों का विकल्प चुन सकते थे, जिसमें पत्राचार वाले राज्य को पहली प्राथमिकता देना अनिवार्य था।
NBEMS ने 26 अगस्त 2026 को आधिकारिक वेबसाइट पर एडमिट कार्ड जारी किए थे। नीट-पीजी उत्तीर्ण करने के बाद डॉक्टर सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) सहित अन्य स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश पा सकते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था: बहुस्तरीय निगरानी
परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने व्यापक सुरक्षा तंत्र तैयार किया है। इसमें सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सिग्नल जैमर, डायनामिक कंप्यूटर आवंटन, केंद्रीय और क्षेत्रीय कमांड सेंटरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग और 60,000 से अधिक परीक्षा कर्मियों की तैनाती शामिल है।
गौरतलब है कि यह व्यवस्था नीट-यूजी 2024 में हुई पेपर लीक की घटनाओं के बाद और अधिक कड़ी की गई है, जिसने पूरे देश में मेडिकल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
स्वास्थ्य मंत्री की समीक्षा और निर्देश
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने परीक्षा से पूर्व तैयारियों की समीक्षा की और सभी संबंधित अधिकारियों को परीक्षा प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले एक एन्क्रिप्टेड और समय-सीमित प्रक्रिया के माध्यम से चुना जाता है, जिसमें तकनीकी और परिचालन सुरक्षा के कई स्तर शामिल हैं।
उम्मीदवारों के लिए ज़रूरी सलाह
नड्डा ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे परीक्षा से संबंधित किसी भी अफवाह या धोखाधड़ी वाले दावे पर ध्यान न दें और केवल NBEMS तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की भी अपील की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश में स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों की माँग तेज़ी से बढ़ रही है और नीट-पीजी का परिणाम लाखों डॉक्टरों के करियर की दिशा तय करेगा।