बुडापेस्ट ओपन 2026: सेंथिलकुमार ने फार्कस को 3-0 से रौंदा, PSA स्क्वैश खिताब पर भारत का कब्जा
सारांश
मुख्य बातें
वेलावन सेंथिलकुमार ने 29 अगस्त 2026 को बुडापेस्ट ओपन के फाइनल में हंगरी के बालाज फार्कस को सीधे गेमों में 11-4, 11-2, 11-3 से हराकर PSA कॉपर-लेवल टूर खिताब अपने नाम किया। $43,500 की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में भारत के वर्ल्ड नंबर 54 खिलाड़ी ने घरेलू पसंदीदा को एक भी गेम नहीं जीतने दिया।
फाइनल में दबदबा
आठवीं वरीयता प्राप्त सेंथिलकुमार ने नौवीं वरीयता प्राप्त फार्कस के खिलाफ शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा। तीनों गेम में स्कोर — 11-4, 11-2, 11-3 — यह दर्शाते हैं कि यह कोई करीबी मुकाबला नहीं था, बल्कि एकतरफा वर्चस्व था। फार्कस के खिलाफ यह उनकी तीसरी भिड़ंत थी और 'हेड-टू-हेड' में सेंथिलकुमार अब 2-1 से आगे हो गए हैं। गौरतलब है कि 2019 में फार्कस ने भारतीय खिलाड़ी को हराया था, जिसके बाद 2024 में सेंथिलकुमार ने पहली बार उन्हें मात दी थी।
टूर्नामेंट का सफर
28 वर्षीय सेंथिलकुमार का इस टूर्नामेंट में सफर शानदार रहा। पहले दौर में उन्होंने इंग्लैंड के विल साल्टर को 11-9, 11-6, 11-5 से सीधे गेमों में हराया। इसके बाद जर्मनी के पाँचवीं वरीयता प्राप्त राफेल कैंड्रा के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करते हुए 11-9, 6-11, 11-7, 11-2 से जीत दर्ज की।
क्वार्टर फाइनल में बड़ा उलटफेर
टूर्नामेंट का सबसे चर्चित पल बुधवार रात क्वार्टर फाइनल में आया, जब सेंथिलकुमार ने मलेशिया के वर्ल्ड नंबर 18 और शीर्ष वरीयता प्राप्त ईन यो एनजी को 11-2, 11-9, 11-8 से हराकर सभी को चौंका दिया। भारत के चौथे नंबर के इस खिलाड़ी ने 2-2 के स्कोर के बाद लगातार नौ अंक बनाकर पहला गेम पकड़ा और फिर एनजी की वापसी की हर कोशिश को नाकाम किया। महज 53 मिनट में तीसरा गेम 11-8 से जीतकर वे सेमीफाइनल में पहुँचे।
सेमीफाइनल: हमवतन को किया पराजित
गुरुवार शाम के सेमीफाइनल में सेंथिलकुमार का सामना हमवतन और तीसरी वरीयता प्राप्त वीर चोटरानी से हुआ। यह मुकाबला रोमांचक रहा — 9-11, 11-8, 11-7, 1-11, 12-10 — पाँच गेमों तक चला और सेंथिलकुमार ने अंतिम गेम में 12-10 से जीत दर्ज कर अपने 15वें PSA टूर फाइनल में जगह पक्की की। यह जीत उनके करियर की परिपक्वता और मानसिक दृढ़ता की मिसाल है।
भारतीय स्क्वैश के लिए महत्व
सेंथिलकुमार की यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारतीय स्क्वैश अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। वर्ल्ड रैंकिंग में और सुधार की उम्मीद के साथ, भारतीय खिलाड़ियों की PSA टूर पर बढ़ती उपस्थिति इस खेल के भविष्य के लिए उत्साहजनक संकेत है।