गुजरात में नीट-यूजी री-एग्जाम संपन्न: फिजिक्स-केमिस्ट्री कठिन, व्यवस्था पर छात्रों ने जताई संतुष्टि
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा रविवार, 21 जून को गुजरात के सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय में संपन्न हुई। परीक्षा के बाद उम्मीदवारों ने प्रश्न पत्र की कठिनाई को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी — विशेष रूप से फिजिक्स और केमिस्ट्री के अनुभाग अधिक चुनौतीपूर्ण बताए गए, जबकि परीक्षा केंद्रों पर प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना की गई।
परीक्षा का आयोजन और सुरक्षा इंतजाम
पिछली परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी अनियमितताओं की चिंताओं के मद्देनजर इस बार री-एग्जाम कड़ी सुरक्षा के बीच कराई गई। गुजरात पुलिस और जिला प्रशासन ने पहले से ही तैयारियों की समीक्षा की थी। इन व्यवस्थाओं में प्रश्न पत्रों का सुरक्षित परिवहन, परीक्षा केंद्रों पर निगरानी तंत्र और आसपास के क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन शामिल था।
परीक्षा में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, सख्त तलाशी और बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की गई, ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार, गुजरात समेत सभी राज्यों में बेहतर लॉजिस्टिकल इंतजाम किए गए थे।
छात्रों की प्रतिक्रिया: शहर-दर-शहर अनुभव
राजकोट में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों ने बताया कि बायोलॉजी का पेपर अपेक्षाकृत सरल था, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रश्न अधिक जटिल रहे। एक परीक्षार्थी ने कहा, 'बायोलॉजी आसान था। पेपर थोड़ा कठिन था, खासकर फिजिक्स और केमिस्ट्री। व्यवस्था बहुत अच्छी थी — नियमित अंतराल पर लगभग हर घंटे पानी उपलब्ध कराया गया।'
अहमदाबाद के उम्मीदवारों ने पेपर को चुनौतीपूर्ण तो बताया, लेकिन यह भी कहा कि सही तैयारी के साथ इसे हल किया जा सकता था। एक उम्मीदवार के अनुसार, 'यह पेपर पिछली बार से बेहतर था। हमने इस बार सिलेबस को ज्यादा अच्छी तरह दोहराया था। पिछली बार की तुलना में यह थोड़ा मुश्किल था, लेकिन बहुत ज्यादा कठिन नहीं था।'
सूरत में परीक्षा देने वाले छात्रों ने इसे पहले वाली परीक्षा की तुलना में अधिक कठिन बताया। एक छात्र ने कहा, 'पेपर ठीक था, लेकिन पहली बार की तुलना में दूसरी बार का पेपर काफी कठिन था।'
नीट-यूजी: परीक्षा की पृष्ठभूमि
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) भारत में अंडरग्रेजुएट मेडिकल और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसे NTA आयोजित करता है। यह परीक्षा पेन-एंड-पेपर मोड में पूरे देश में एकल शिफ्ट में होती है और इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय शामिल होते हैं। प्रत्येक वर्ष लाखों उम्मीदवार इसमें भाग लेते हैं, जिससे यह देश की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में से एक बनी हुई है।
आगे क्या होगा
सभी केंद्रों पर परीक्षा NTA के निर्धारित शेड्यूल और री-टेस्ट साइकल के नियमों के अनुसार तय समय सीमा में पूरी हुई। अब उम्मीदवारों की नज़रें परिणाम और काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी हैं। गुजरात में इस दोबारा परीक्षा का संचालन भविष्य की परीक्षाओं के लिए बेहतर प्रशासनिक मानक स्थापित करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।