गुजरात में 8,169 विद्या सहायकों को नियुक्ति पत्र; 6,000 से अधिक महिलाएं चयनित
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 2 नवंबर 2026 को 8,169 विद्या सहायकों (प्राथमिक शिक्षकों) को नियुक्ति अनुशंसा पत्र सौंपे, जिनमें से 6,000 से अधिक महिलाएं हैं — शिक्षा क्षेत्र में महिला भागीदारी की दिशा में एक उल्लेखनीय संकेत। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर के निकट अडालज में आयोजित समारोह में इन नवनियुक्त शिक्षकों को पत्र प्रदान किए।
मुख्य घटनाक्रम
समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने त्रिमंदिर, अडालज में उपस्थित नवनियुक्त शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "अपनी कड़ी मेहनत से सरकारी नौकरी पाने वाले युवाओं को देखकर उनके माता पिता और परिवार के सदस्यों की खुशी और गर्व साफ झलक रहा है।"
उन्होंने यह भी कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है और उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ है। पटेल ने नए शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों का मार्गदर्शन इस प्रकार करें कि वे 'विकसित भारत' के सपने में सार्थक भूमिका निभा सकें।
भर्ती का विस्तार और संरचना
शिक्षा मंत्री प्रद्युमन वाजा ने बताया कि राज्य सरकार ने तकनीक और पारदर्शी प्रक्रियाओं का उपयोग करते हुए मेरिट आधारित प्रणाली के माध्यम से लगभग 12,000 विद्या सहायकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है। इनमें गुजराती माध्यम की कक्षा 1 से 5 के लिए लगभग 11,000 पद और अन्य माध्यमों के लिए लगभग 987 पद शामिल हैं।
वाजा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि रटने की बजाय बुनियादी साक्षरता, संख्यात्मक ज्ञान, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से गतिविधियों, कहानियों, प्रयोगों और तकनीक के माध्यम से कक्षाओं को रोचक बनाने का आग्रह किया।
महिला भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री पटेल ने कहा कि 8,000 से अधिक नियुक्त लोगों में 6,000 से ज्यादा महिलाएं होना, शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। उन्होंने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में शुरू की गई 'कन्या केलवणी महोत्सव' और 'शाला प्रवेशोत्सव' जैसी पहलों के सकारात्मक परिणामों से जोड़ा।
पटेल ने कहा, "ये पहलें अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी हैं और इनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।" गौरतलब है कि गुजरात में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने वाली इन योजनाओं की शुरुआत दो दशक पहले हुई थी।
शिक्षकों की जिम्मेदारी और आगे की योजना
शिक्षा राज्यमंत्री रिवाबा जडेजा ने कहा, "शिक्षक न केवल ज्ञान देने में बल्कि बच्चों की सोच, व्यक्तित्व और चरित्र को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।" उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो लोग राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं, उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहिए।
मुख्यमंत्री पटेल ने संत ज्ञानेश्वर का उदाहरण देते हुए नए शिक्षकों से आग्रह किया कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय जिम्मेदारी बरतें। उन्होंने कहा, "शिक्षकों का व्यवहार और आचरण बच्चों के मन और व्यक्तित्व पर गहरा और स्थायी प्रभाव डालता है।"
शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में लगभग 10,000 और शिक्षकों की भर्ती की जाएगी — जो यह दर्शाता है कि गुजरात प्राथमिक शिक्षा के ढाँचे को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।