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गुजरात में 23 जून से 'शाला प्रवेशोत्सव': 38,400 स्कूलों में 28.58 लाख बच्चों का नामांकन होगा

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गुजरात में 23 जून से 'शाला प्रवेशोत्सव': 38,400 स्कूलों में 28.58 लाख बच्चों का नामांकन होगा

सारांश

गुजरात का 24वाँ 'शाला प्रवेशोत्सव' इस बार वडनगर के उसी स्कूल से शुरू होगा जहाँ PM मोदी ने पढ़ाई की थी। 23-25 जून के बीच 38,400 स्कूलों में 28.58 लाख बच्चों का नामांकन लक्ष्य — और 465 अधिकारी सीधे मैदान में उतरेंगे।

मुख्य बातें

गुजरात में 23 से 25 जून 2026 तक 'शाला प्रवेशोत्सव एवं कन्या केलवणी' अभियान का 24वाँ संस्करण आयोजित होगा।
राज्य के 38,400 स्कूलों में लगभग 28.58 लाख बच्चों का नामांकन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल वडनगर के बी.एन.
हाई स्कूल से अभियान का उद्घाटन करेंगे — यह वही विद्यालय है जहाँ PM नरेंद्र मोदी ने शिक्षा प्राप्त की थी।
लगभग 465 गणमान्य व्यक्तियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों (IAS, IPS, IFS) के स्कूल दौरों में भाग लेने की उम्मीद है।
बालवाटिका में 5-6 वर्ष और कक्षा 1 में 6-7 वर्ष के बच्चों का नामांकन; कक्षा 9 और 11 में भी सीधे प्रवेश की सुविधा।
अभियान की शुरुआत 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।

गुजरात सरकार 23 जून 2026 से तीन दिवसीय 'शाला प्रवेशोत्सव एवं कन्या केलवणी' अभियान की शुरुआत करने जा रही है, जिसके तहत राज्य के 38,400 स्कूलों में लगभग 28.58 लाख बच्चों का नामांकन किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल वडनगर स्थित बी.एन. हाई स्कूल से इस राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह अभियान 25 जून 2026 तक चलेगा।

लॉन्च स्थल का ऐतिहासिक महत्व

वडनगर के बी.एन. हाई स्कूल को इस अभियान के 24वें संस्करण के उद्घाटन स्थल के रूप में विशेष रूप से चुना गया है — यह वही विद्यालय है जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। गौरतलब है कि इस अभियान की नींव 2003 में मोदी ने स्वयं गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में रखी थी, जिसका उद्देश्य स्कूल नामांकन को प्रोत्साहित करना और शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना था।

वडनगर में मुख्यमंत्री पटेल एक आंगनवाड़ी केंद्र के दो बच्चों सहित बालवाटिका से कक्षा 11 तक के 389 छात्रों के प्रवेश की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

नामांकन की पात्रता और प्रक्रिया

राज्य सरकार के अनुसार, 1 जून तक पाँच से छह वर्ष की आयु के बच्चों को बालवाटिका में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि छह से सात वर्ष की आयु के बच्चों को कक्षा 1 में नामांकित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कक्षा 8 उत्तीर्ण छात्रों को कक्षा 9 में और कक्षा 10 उत्तीर्ण छात्रों को कक्षा 11 में दाखिला दिलाया जाएगा, जिससे शैक्षणिक निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।

सरकारी भागीदारी और निगरानी

तीन दिवसीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और IAS, IPS एवं IFS सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी राज्य भर के स्कूलों का दौरा करेंगे। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, लगभग 465 गणमान्य व्यक्तियों एवं अधिकारियों के इस अभियान में भाग लेने की उम्मीद है।

अपने दौरे के दौरान ये अधिकारी स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) के परामर्श से विद्यालयों के शैक्षणिक प्रदर्शन, भौतिक बुनियादी ढाँचे और अन्य उपलब्धियों की भी समीक्षा करेंगे।

सामुदायिक भागीदारी की भूमिका

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नामांकन उत्सव स्कूल प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और स्थानीय निवासियों की सक्रिय भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। बच्चों को औपचारिक शिक्षा में प्रवेश दिलाने और उसे जारी रखने के लिए प्रेरित करने में सामुदायिक सहभागिता को केंद्रीय भूमिका में रखा गया है।

अभियान का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूल छोड़ने की दर और बालिका शिक्षा को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं। शाला प्रवेशोत्सव अपने दो दशक से अधिक के इतिहास में गुजरात की उन पहलों में से एक रही है जिसे शिक्षा नीति विशेषज्ञ सामुदायिक जुड़ाव के मॉडल के रूप में उद्धृत करते हैं। आने वाले दिनों में इस अभियान के नामांकन आँकड़े यह तय करेंगे कि 24वाँ संस्करण अपने लक्ष्य के कितना निकट पहुँचा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल नामांकन के आँकड़ों से आगे का है — क्या ये बच्चे स्कूल में टिकते भी हैं? गुजरात की ड्रॉपआउट दर, विशेषकर बालिकाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में, यह बताती है कि प्रवेश और ठहराव दो अलग चुनौतियाँ हैं। वडनगर से लॉन्च एक प्रतीकात्मक राजनीतिक संदेश भी है, लेकिन जब तक SMC की जवाबदेही और बुनियादी ढाँचे की समीक्षा के नतीजे सार्वजनिक नहीं होते, यह अभियान संख्याओं का उत्सव बनकर रह सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाला प्रवेशोत्सव 2026 क्या है और यह कब होगा?
शाला प्रवेशोत्सव गुजरात सरकार का वार्षिक स्कूल नामांकन अभियान है, जो इस वर्ष 23 से 25 जून 2026 तक आयोजित होगा। इसके 24वें संस्करण में राज्य के 38,400 स्कूलों में 28.58 लाख बच्चों का नामांकन कराने का लक्ष्य है।
अभियान की शुरुआत वडनगर के बी.एन. हाई स्कूल से क्यों हो रही है?
वडनगर का बी.एन. हाई स्कूल वह विद्यालय है जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। इसी विद्यालय को 24वें संस्करण के उद्घाटन स्थल के रूप में चुना गया है, और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल यहीं से अभियान का शुभारंभ करेंगे।
इस अभियान में किस आयु के बच्चों को नामांकित किया जाएगा?
1 जून तक पाँच से छह वर्ष की आयु के बच्चों को बालवाटिका में और छह से सात वर्ष के बच्चों को कक्षा 1 में प्रवेश दिया जाएगा। कक्षा 8 उत्तीर्ण बच्चों को कक्षा 9 में और कक्षा 10 उत्तीर्ण बच्चों को कक्षा 11 में दाखिला दिलाया जाएगा।
अभियान में कौन-कौन से अधिकारी भाग लेंगे?
तीन दिवसीय अभियान में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और IAS, IPS व IFS सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सरकारी अनुमान के अनुसार लगभग 465 गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी राज्यभर के स्कूलों का दौरा करेंगे।
शाला प्रवेशोत्सव अभियान की शुरुआत कब और किसने की थी?
इस अभियान की शुरुआत 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी, जिसका उद्देश्य स्कूल नामांकन को प्रोत्साहित करना और शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना था। इस वर्ष यह अपने 24वें संस्करण में प्रवेश कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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