गुजरात में 'शाला प्रवेशोत्सव 2026': तीन दिनों में 16.35 लाख छात्रों का नामांकन, दान ₹28.97 करोड़ पार
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के 25,625 गांवों और 37,211 स्कूलों में आयोजित राज्यव्यापी 'कन्या केलवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव 2026' का समापन 25 जून 2026 को हुआ, जिसमें मात्र तीन दिनों में 16.35 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह गुजरात के इतिहास के सबसे बड़े शिक्षा नामांकन अभियानों में से एक है। इस अभियान के दौरान नागरिकों और दानदाताओं ने नकद एवं वस्तु के रूप में कुल ₹28.97 करोड़ से अधिक का योगदान दिया।
अभियान का शुभारंभ और नेतृत्व
इस पहल का 24वाँ संस्करण मंगलवार, 23 जून 2026 को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वड़नगर स्थित बीएन हाई स्कूल से औपचारिक रूप से शुरू किया — यही वह विद्यालय है जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी। अभियान का संचालन उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में, शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा और शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा के नेतृत्व में किया गया।
मुख्य नामांकन आँकड़े
आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, अभियान की अवधि में आंगनवाड़ियों और बाल मंदिरों में 62,000 से अधिक बच्चों ने प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण करना शुरू किया। बालवाटिका श्रेणी में 1.46 लाख से अधिक नए नामांकन दर्ज हुए। विद्यालय स्तर पर कक्षा 1 में 34,000 से अधिक, कक्षा 9 में 1.79 लाख से अधिक और कक्षा 11 में 91,613 छात्र नामांकित हुए।
गौरतलब है कि 'बैक टू स्कूल सर्वे' पहल के अंतर्गत 25,070 ऐसे छात्र शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लौटे जो पहले पढ़ाई छोड़ चुके थे।
अंतिम दिन की गतिविधियाँ
समापन दिवस 25 जून को 8,287 गांवों और 12,495 स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित 27,959 गणमान्य व्यक्तियों ने विद्यालयों का दौरा कर छात्रों की नामांकन प्रक्रिया को प्रोत्साहित किया। राज्य सरकार ने अभियान के दौरान 999 स्कूलों में परिवहन सुविधा भी शुरू की।
बालिका शिक्षा और जनभागीदारी
बालिकाओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 3,935 मेधावी छात्राओं को 'विद्यालक्ष्मी बांड' से सम्मानित किया गया। जनभागीदारी के मोर्चे पर नागरिकों ने ₹1.52 करोड़ से अधिक का नकद योगदान दिया, जबकि ₹9.18 करोड़ से अधिक की शैक्षिक सामग्री सीधे स्कूलों को दान में दी गई। तीन दिनों में कुल दान ₹28.97 करोड़ से अधिक रहा।
आगे की राह
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मूल उद्देश्य नामांकन दर को सुदृढ़ करना और गुजरात में शिक्षा की सार्वभौमिक पहुँच सुनिश्चित करना है। यह आयोजन राज्य के पूर्ण विद्यालय भागीदारी के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। आने वाले महीनों में 'बैक टू स्कूल सर्वे' के तहत वापस लौटे छात्रों की उपस्थिति और ठहराव दर पर नज़र रखी जाएगी।