गुजरात प्रवेश उत्सव 2026: 28 सोलर 'स्कूल ऑन व्हील्स' बसों का लोकार्पण, हर बस में 20 बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात में 23वें स्कूल प्रवेश उत्सव की शुरुआत 23 जून 2026 को हो गई। इस अवसर पर गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गांधीनगर में गुजरात राज्य मार्ग वाहन व्यवहार निगम (GSRTC) द्वारा तैयार की गई 28 विशेष सोलर बसों का लोकार्पण किया। 'समग्र शिक्षा' अभियान के तहत शुरू की गई यह 'स्कूल ऑन व्हील्स' योजना छोटे कस्बों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को घर के नज़दीक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है।
बसों की विशेषताएँ
ये इको-फ्रेंडली बसें पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होती हैं। प्रत्येक बस की छत पर 20 वर्ष की वारंटी वाले सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो 48 घंटे तक निरंतर बिजली आपूर्ति करने में सक्षम हैं। हर बस में एक साथ 20 बच्चों के बैठकर पढ़ने की व्यवस्था की गई है।
बसों में स्मार्ट टीवी, डिश टीवी (ऑनलाइन कक्षाओं के लिए), एफएम पोर्टेबल रेडियो, शेड छत्रछाया वॉल फोन और योग की सुविधा उपलब्ध है। बच्चे इन बसों में 'मन की बात' कार्यक्रम भी सुन सकेंगे। बसों को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि बच्चे खेलते-खेलते भी पढ़ाई कर सकें।
उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
लोकार्पण के बाद पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि GSRTC की ओर से 28 बसें शिक्षा विभाग को सौंपी गई हैं और इन बसों में स्कूल की सामान्य कक्षाओं से भी बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा, 'आने वाले वक्त में इस तरह की और बसों की भी व्यवस्था की जाएगी।' संघवी ने इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
अगरिया विस्तार क्षेत्र पर फोकस
यह योजना विशेष रूप से अगरिया विस्तार क्षेत्र के स्कूलों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जहाँ परिवहन की कमी के कारण बच्चों की स्कूल तक पहुँच सीमित रही है। गौरतलब है कि गुजरात सरकार प्रतिवर्ष प्रवेश उत्सव के ज़रिये स्कूल से बाहर रहे बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने का प्रयास करती है।
आगे की योजना
सरकार ने संकेत दिया है कि इस पायलट के सफल क्रियान्वयन के बाद राज्य के अन्य दूरदराज़ क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराई जाएँगी। यह पहल गुजरात के 'समग्र शिक्षा' लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।