गुजरात की 'शक्तिदूत 2.0' योजना 12 अगस्त से, खिलाड़ियों की सहायता राशि ₹25 लाख से बढ़कर ₹50 लाख
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने राज्य के खेल क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए 12 अगस्त 2026 को महात्मा मंदिर, गांधीनगर से 'शक्तिदूत 2.0' योजना का राज्यव्यापी शुभारंभ करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में लागू इस नवीनीकृत योजना में खिलाड़ियों को मिलने वाली अधिकतम आर्थिक सहायता ₹25 लाख से दोगुनी कर ₹50 लाख कर दी गई है। यह योजना ओलंपिक और एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए गुजरात के खिलाड़ियों को तैयार करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
शुभारंभ कार्यक्रम का विवरण
'रमशे गुजरात, जीतशे गुजरात' (खेलेगा गुजरात, जीतेगा गुजरात) के ध्येय मंत्र के साथ 12 अगस्त को आयोजित इस भव्य समारोह में उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के हाथों 799 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित किए जाएंगे। इस अवसर पर एकलव्य पुरस्कार, सरदार पटेल पुरस्कार और जयदीपसिंहजी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इसके साथ ही राज्यभर में ₹388 करोड़ से अधिक की लागत वाले विभिन्न खेल परिसरों और पुस्तकालयों का ई-भूमिपूजन एवं ई-लोकार्पण भी किया जाएगा। इन परियोजनाओं में 11 तहसील स्तरीय खेल परिसर, 7 जिला स्तरीय खेल परिसर, 7 लाइब्रेरी, 2 स्टडी हॉल और 2 नगर पालिका लाइब्रेरी शामिल हैं।
शक्तिदूत 2.0 के प्रमुख सुधार
नई योजना में खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। आवेदन की न्यूनतम आयु सीमा 12 वर्ष से घटाकर 9 वर्ष कर दी गई है, ताकि जमीनी स्तर (ग्रासरूट्स) से ही प्रतिभाओं की पहचान हो सके।
चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाने के लिए पॉइंट-आधारित मार्किंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसी प्रतियोगिताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। स्क्रीनिंग और सिलेक्शन कमेटी में खेल विशेषज्ञों की भागीदारी अनिवार्य की गई है। निश्चित समय सीमा हटाकर अब प्रदर्शन के आधार पर निरंतर सहायता का प्रावधान किया गया है।
समावेशिता को प्राथमिकता देते हुए पैरा, डेफ, ब्लाइंड और अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी योजना में समान अवसर और समान सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, 'शक्तिदूत बी' पहल के तहत योजना में शामिल न होने वाले, किंतु वर्ष के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को तत्काल वित्तीय सहायता दी जाएगी।
2015 से अब तक की उपलब्धियाँ
शक्तिदूत योजना वर्ष 2015 से संचालित है और इसके अंतर्गत खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर 831 पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 773 पदक — कुल मिलाकर 1,604 पदक — जीतकर गुजरात का गौरव बढ़ाया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के संदर्भ में, टोक्यो ओलंपिक 2021 और पेरिस ओलंपिक 2024 में 3-3 खिलाड़ी चुने गए। 19वें एशियन गेम्स 2023 (हांग्जो) में 7 खिलाड़ी शामिल हुए और 20वें एशियन गेम्स 2026 (आइची, जापान) के लिए योजना के 9 खिलाड़ी चुने गए हैं। 23वीं कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (ग्लासगो-स्कॉटलैंड) में 1 खिलाड़ी ने देश का प्रतिनिधित्व किया।
बुनियादी ढाँचे में निवेश
खेल विभाग द्वारा ₹388 करोड़ से अधिक के खर्च से राज्य के विभिन्न जिलों में बुनियादी ढाँचे का विकास किया जाएगा। इनमें अहमदाबाद, कच्छ, जामनगर, दाहोद, वलसाड, मोरबी, नवसारी, पाटण, पोरबंदर सहित अनेक जिले शामिल हैं। परियोजनाओं में 400 मीटर एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, स्पोर्ट्स हॉस्टल और स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, वडोदरा के कैम्पस विकास जैसे कार्य शामिल हैं।
आगे की राह
शक्तिदूत 2.0 का शुभारंभ गुजरात के खेल परितंत्र को एक संस्थागत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना में खिलाड़ियों की संख्या भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी और वार्षिक एवं द्विवार्षिक मूल्यांकन के आधार पर श्रेणी उन्नयन (कैटेगरी अपग्रेड) का पारदर्शी तंत्र विकसित किया गया है। यदि क्रियान्वयन सुचारु रहा, तो यह योजना 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक की तैयारी के लिए गुजरात की पाइपलाइन को और मजबूत कर सकती है।