धनतेरस 2026: कैट का अनुमान — ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार, सोने-चांदी में ₹60,000 करोड़ की बिक्री
सारांश
मुख्य बातें
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के अवसर पर देशभर में ₹1 लाख करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है, जिसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री ₹60,000 करोड़ से ऊपर रहने की उम्मीद जताई गई है। दिवाली के सबसे बड़े खरीदारी दिवसों में शुमार धनतेरस पर बाजारों में ग्राहकों की उमड़ती भीड़ इस अनुमान को और पुख्ता करती है।
कारोबार के अनुमान का आधार
कैट ने स्पष्ट किया कि यह अनुमान विभिन्न राज्यों के व्यापारिक संगठनों से प्राप्त इनपुट, ग्राहकों की मांग के रुझान और ग्रामीण तथा अर्ध-शहरी बाजारों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों पर आधारित है। संगठन ने कहा कि शुक्रवार को बिक्री के रुझान और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का पूर्ण आकलन करने के बाद विस्तृत अंतिम आँकड़े जारी किए जाएंगे।
सोने-चांदी की मांग और खरीदारी का रुझान
ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) ने बताया कि सोने और चांदी की ऊँची कीमतों के बावजूद इनकी माँग मजबूत बनी हुई है। व्यापारियों के मुताबिक, खरीदार अब 14 कैरेट और 18 कैरेट के हल्के वजन के सोने के आभूषणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा चांदी के सिक्कों, सजावटी वस्तुओं और मछली, कछुए एवं हाथी जैसी शुभ आकृतियों की भी मजबूत माँग देखी जा रही है।
पिछले साल से तुलना और सेवा क्षेत्र का योगदान
गौरतलब है कि पिछले साल त्योहारी सीजन में कुल कारोबार लगभग ₹6.05 लाख करोड़ रहा था — जिसमें वस्तुओं की बिक्री ₹5.40 लाख करोड़ और सेवाओं का योगदान ₹65,000 करोड़ था। इस बार कैट ने सेवा क्षेत्र — जिसमें परिवहन, लॉजिस्टिक्स, हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, खानपान और इवेंट मैनेजमेंट शामिल हैं — के ₹80,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान लगाया है, जो पिछले साल से उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और 'वोकल फॉर लोकल'
कैट ने अनुमानित वृद्धि के पीछे 'वोकल फॉर लोकल', 'मेड इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी पहलों को मिल रहे बढ़ते समर्थन को प्रमुख कारण बताया। स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों के प्रति ग्राहकों की बढ़ती प्राथमिकता ने भी इस उछाल में अहम भूमिका निभाई है। यह ऐसे समय में आया है जब शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में उपभोक्ता खर्च में तेजी देखी जा रही है। धनतेरस के अंतिम कारोबारी आँकड़े शुक्रवार की शाम तक सामने आने की उम्मीद है, जो इस त्योहारी सीजन के उपभोक्ता sentiment का सटीक पैमाना होंगे।