दिवाली से पहले सोना ₹1.42 लाख, चांदी ₹1.91 लाख पर; रिकॉर्ड से 21% सस्ता हुआ सोना
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सोना 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,42,417 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी 1.94 प्रतिशत टूटकर ₹1,91,985 प्रति किलोग्राम पर पहुँच गई। धनतेरस और दिवाली से ठीक पहले आई इस गिरावट ने त्योहारी खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है।
मौजूदा कीमतें और रिकॉर्ड से अंतर
बाज़ार आँकड़ों के अनुसार, सोने ने इस वर्ष 29 जनवरी को ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम का अपना सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया था। मौजूदा कीमत उस रिकॉर्ड से करीब ₹38,563 यानी 21.33 प्रतिशत नीचे है। चांदी की स्थिति और भी उल्लेखनीय है — जनवरी में वह ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक शिखर पर थी, जबकि अब वह उस स्तर से करीब ₹2,28,532 प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है।
दिन के इंट्रा-डे कारोबार में MCX पर सोने ने ₹1,42,216 प्रति 10 ग्राम का निम्नतम स्तर छुआ, वहीं चांदी का इंट्रा-डे निम्न ₹1,91,516 प्रति किलोग्राम रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव
वैश्विक कमोडिटी बाज़ार COMEX पर मंगलवार को सोना करीब 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ $4,016.60 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण $4,000 के स्तर के करीब है। चांदी 2.73 प्रतिशत टूटकर $52.855 प्रति औंस पर आ गई।
बाज़ार जानकारों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ऊँची ब्याज दरों की आशंका, कमज़ोर निवेश माँग और निरंतर बिकवाली का असर घरेलू कीमतों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। निवेशकों की नज़र अब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की आगामी बैठक और ब्याज दर नीति पर टिकी है।
तकनीकी स्तर और विशेषज्ञ राय
विश्लेषकों के अनुसार MCX पर सोने के लिए ₹1,43,000–₹1,43,700 प्रति 10 ग्राम का क्षेत्र प्रमुख प्रतिरोध (resistance) है। यदि सोना इस स्तर के ऊपर टिकता है तो कीमतों में स्थिरता लौट सकती है। नीचे की ओर ₹1,40,000–₹1,41,000 का क्षेत्र मज़बूत सपोर्ट माना जा रहा है।
चांदी के लिए ₹2 लाख–₹2.02 लाख प्रति किलोग्राम का क्षेत्र अहम प्रतिरोध है, जबकि ₹1.92 लाख–₹1.94 लाख का दायरा मज़बूत सपोर्ट जोन है। हालाँकि तकनीकी संकेतक बताते हैं कि बिकवाली का दबाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
त्योहारी माँग और आगे की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का मानना है कि शादी और त्योहारी सीजन की माँग कीमतों को कुछ समर्थन दे सकती है। गौरतलब है कि धनतेरस पर सोने और चांदी की खरीदारी परंपरागत रूप से शुभ मानी जाती है, जिससे माँग में अल्पकालिक उछाल आने की संभावना रहती है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आर्थिक संकेतक और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता बाज़ार पर हावी है। आने वाले दिनों में फेडरल रिज़र्व के फैसले और डॉलर की चाल सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे।