सोना ₹1,48,635 और चांदी ₹2,13,400 के उच्चतम स्तर पर; आयात में गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं में तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 16 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमत 0.77 प्रतिशत उछलकर ₹1,48,635 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुँची, जबकि चांदी 1.30 प्रतिशत की मज़बूत बढ़त के साथ ₹2,13,400 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी। यह तेज़ी ऐसे समय में आई जब वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार सितंबर में सोने का आयात लगातार दूसरे महीने 81.27 प्रतिशत घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया।
घरेलू बाज़ार में कीमतों की चाल
दिसंबर डिलीवरी वाला सोना शुक्रवार को अपने पिछले बंद भाव ₹1,47,489 से ₹292 यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,47,781 प्रति 10 ग्राम पर खुला। बाद के कारोबारी सत्र में यह ₹1,146 यानी 0.77 प्रतिशत और चढ़कर दिन के उच्चतम स्तर ₹1,48,635 पर पहुँच गया।
चांदी ने सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद भाव ₹2,10,660 से ₹1,132 यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,11,792 प्रति किलोग्राम पर खुली और बाद में ₹2,740 यानी 1.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,13,400 के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का रुख़
वैश्विक बाज़ार COMEX पर भी दोनों कीमती धातुओं में मज़बूती दर्ज की गई। सोना लगभग 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,202.20 डॉलर प्रति औंस पर पहुँचा, जबकि चांदी करीब 1.39 प्रतिशत चढ़कर 57.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी। बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी में औद्योगिक माँग और वैश्विक संकेतों का असर अधिक दिखाई दे रहा है, जिसके चलते इसमें सोने की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला।
आयात में गिरावट और सीमा शुल्क का असर
वाणिज्य मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार सितंबर 2026 में सोने का आयात 81.27 प्रतिशत घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया — यह लगातार दूसरे महीने की गिरावट है। इसी तरह चांदी का आयात भी 49.11 प्रतिशत गिरकर 66.50 करोड़ डॉलर पर आ गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) में हुई बढ़ोतरी के कारण आयात प्रभावित हुआ है।
गौरतलब है कि आयात में गिरावट के बावजूद घरेलू निवेश और माँग का रुझान बाज़ार को समर्थन देता दिख रहा है, जो दर्शाता है कि निवेशकों की दिलचस्पी घरेलू स्तर पर बनी हुई है।
आगे क्या होगा कीमतों का हाल
बाज़ार जानकारों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और त्योहारी माँग से प्रभावित हो सकती हैं। भारत में त्योहारों और शादी-विवाह के सीज़न की शुरुआत के साथ भौतिक माँग बढ़ने की संभावना बनी हुई है। यदि वैश्विक बाज़ारों में अनिश्चितता बढ़ती है, तो सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में दोनों धातुओं को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।