दिवाली से पहले सोना ₹50,784 और चांदी ₹2.28 लाख प्रति किलो सस्ती, MCX पर जारी गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को सोने में 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹1,42,417 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार हुआ, जबकि चांदी 1.94 प्रतिशत टूटकर ₹1,91,985 प्रति किलोग्राम पर आ गई। धनतेरस और दिवाली से पहले यह गिरावट त्योहारी खरीदारी की योजना बना रहे उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर लेकर आई है।
मुख्य घटनाक्रम: कितनी गिरी कीमतें
दिन के कारोबार में MCX पर सोने ने ₹1,42,216 प्रति 10 ग्राम का इंट्रा-डे निम्नतम स्तर छुआ, वहीं चांदी ने ₹1,91,516 प्रति किलोग्राम का निचला स्तर दर्ज किया। इस तरह सोना अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब ₹50,784 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है, जबकि चांदी अपने ऐतिहासिक शिखर से लगभग ₹2,28,532 प्रति किलोग्राम नीचे आ गई है।
गौरतलब है कि इस वर्ष 29 जनवरी को सोने ने ₹1,93,000 प्रति 10 ग्राम के करीब अपना सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया था, जबकि चांदी ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक शिखर पर पहुँची थी। मौजूदा कीमतें उन स्तरों से काफी नीचे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का असर
वैश्विक बाज़ार COMEX पर मंगलवार को सोना करीब 0.54 प्रतिशत गिरकर $4,016.60 प्रति औंस पर कारोबार करता नज़र आया। चांदी 2.73 प्रतिशत की तेज़ गिरावट के साथ $52.855 प्रति औंस पर पहुँच गई। विशेषज्ञों के अनुसार, सोना मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण $4,000 प्रति औंस के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जो निवेशकों में अनिश्चितता बनाए रखता है।
यह ऐसे समय में आया है जब निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की आगामी बैठक और ब्याज दर नीति पर टिकी हुई हैं। वैश्विक स्तर पर ऊँची ब्याज दरों की आशंका, कमज़ोर निवेश माँग और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में जारी बिकवाली का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, MCX पर सोने के लिए ₹1,43,000 से ₹1,43,700 का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध (रेज़िस्टेंस) है। यदि सोना इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो कीमतों में स्थिरता लौट सकती है। नीचे की ओर ₹1,40,000 से ₹1,41,000 का क्षेत्र प्रमुख सपोर्ट माना जा रहा है।
चांदी के लिए ₹2 लाख से ₹2.02 लाख प्रति किलोग्राम महत्वपूर्ण प्रतिरोध बना हुआ है, जबकि ₹1.92 लाख से ₹1.94 लाख का क्षेत्र मज़बूत सपोर्ट माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी संकेतक अभी भी बिकवाली के दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं और बाज़ार में सतर्कता बनी हुई है।
आम जनता पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि शादी और त्योहारी सीज़न की माँग कीमतों को कुछ समर्थन दे सकती है। हालाँकि, फ़िलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतक और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता बाज़ार पर हावी है। जो उपभोक्ता धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें रिकॉर्ड स्तरों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम कीमत मिल रही है।
आगे चलकर, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के फ़ैसले और घरेलू त्योहारी माँग का संयुक्त प्रभाव यह तय करेगा कि कीमती धातुओं में यह गिरावट अल्पकालिक है या दीर्घकालिक रुझान की शुरुआत।