इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर असहमति, राहुल गांधी पर है संदेह: तुहिन सिन्हा

Click to start listening
इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर असहमति, राहुल गांधी पर है संदेह: तुहिन सिन्हा

सारांश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाने के बाद भाजपा ने विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला किया है। तुहिन सिन्हा का कहना है कि राहुल गांधी की लीडरशिप पर अब विश्वास नहीं है, जो कि कई नेताओं के बयानों से स्पष्ट होता है।

Key Takeaways

  • राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर उठे सवाल
  • इंडिया गठबंधन में खींचतान
  • भाजपा द्वारा कांग्रेस पर तीखा हमला
  • विपक्ष में नेतृत्व की मांग
  • कांग्रेस के प्रदर्शन पर आलोचना

मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर उठाए गए सवालों और इंडिया गठबंधन की कमान ममता बनर्जी को सौंपने की बात से सियासी माहौल गर्म हो गया है। इस संदर्भ में भाजपा ने कांग्रेस और समस्त विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला किया है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी दलों के बीच नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान इस बात का संकेत है कि राहुल गांधी की लीडरशिप पर अब भरोसा नहीं रहा।

तुहिन सिन्हा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा, “टीएमसी की तरफ से 2029 में ममता बनर्जी को विपक्ष का नेतृत्व सौंपने की मांग उठ रही है। वहीं, डीएमके चाहती है कि एमके स्टालिन इस भूमिका में हों। कुछ अन्य नेताओं का मानना है कि अखिलेश यादव को नेतृत्व संभालना चाहिए। यह सब इस बात को दर्शाता है कि राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर विपक्ष में भी विश्वास की कमी है। झूठ और भ्रम की राजनीति नहीं चल सकती। विपक्ष को तथ्यों के आधार पर सरकार की आलोचना करनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सहयोगी दल भी पार्टी को आईना दिखा रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

तुहिन सिन्हा ने हाल ही में आयोजित एआई समिट के दौरान कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “एआई समिट में कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन निर्लज्जता की पराकाष्ठा था। यहां तक कि यूपीए सरकार में मंत्री रह चुकीं मार्गरेट अल्वा ने भी इस प्रदर्शन की आलोचना की और इसे अमर्यादित बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ऐसा आचरण नहीं करना चाहिए था, क्योंकि इससे देश की गरिमा प्रभावित होती है।”

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के कई नेता, जो इस समय भाजपा के साथ नहीं हैं, वे भी राहुल गांधी को आईना दिखा रहे हैं और ऐसी राजनीति से बचने की सलाह दे रहे हैं।

तुहिन सिन्हा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीकों से दूर होती जा रही है और उग्र प्रदर्शन अपनाने लगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया, तो आने वाले चुनावों में जनता उसे कड़ी सजा देगी।

Point of View

राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर उठाए गए सवाल विपक्ष के भीतर की असहमति को दर्शाते हैं। भाजपा ने इस अवसर का लाभ उठाकर कांग्रेस पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे विपक्ष की एकता पर सवाल उठता है। इसका प्रभाव आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
NationPress
24/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं?
जी हाँ, मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं, जिससे कांग्रेस और विपक्ष में असहमति की स्थिति उत्पन्न हुई है।
भाजपा का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया है, यह कहते हुए कि राहुल गांधी की लीडरशिप पर अब भरोसा नहीं रहा।
इंडिया गठबंधन में कौन-कौन से नेता नेतृत्व की मांग कर रहे हैं?
टीएमसी की ममता बनर्जी, डीएमके के एमके स्टालिन और अन्य नेता जैसे अखिलेश यादव ने नेतृत्व की मांग की है।
कांग्रेस का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा है?
कांग्रेस का एआई समिट में प्रदर्शन को लेकर आलोचना की गई है, इसे निर्लज्जता के रूप में देखा गया है।
क्या कांग्रेस को अपने रवैये में बदलाव की आवश्यकता है?
हाँ, तुहिन सिन्हा ने चेतावनी दी है कि अगर कांग्रेस ने अपने रवैये में बदलाव नहीं किया, तो आगामी चुनावों में उसे कड़ी सजा मिल सकती है।
Nation Press