भाजपा क्षेत्रीय दलों को निगलना चाहती है, नीतीश कुमार इसका उदाहरण: राकेश सिन्हा
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने 20 जून को रांची में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस-वोटिंग, अयोध्या राम मंदिर चंदा विवाद, नीट पेपर लीक और एकनाथ शिंदे के बयान समेत कई अहम मुद्दों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। सिन्हा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) क्षेत्रीय दलों को अपने साथ मिलाकर उन्हें राजनीतिक रूप से कमज़ोर करने की रणनीति पर काम कर रही है।
राज्यसभा क्रॉस-वोटिंग: गठबंधन में टूटा भरोसा
राज्यसभा चुनाव में हुई क्रॉस-वोटिंग पर राकेश सिन्हा ने कहा, 'जब हम गठबंधन की राजनीति की बात करते हैं, तो यह भरोसे, विश्वास और प्रतिबद्धता पर आधारित होती है। यही गठबंधन की राजनीति की नींव है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पैसे के लालच में आरजेडी और सीपीआई (एमएल) ने भरोसे, विश्वास और प्रतिबद्धता के साथ धोखा किया।' उन्होंने कहा कि इसी कारण कांग्रेस उम्मीदवार की हार हुई और BJP-समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवानी की जीत हुई। सिन्हा ने स्पष्ट किया कि इस हार की समीक्षा की जाएगी।
एकनाथ शिंदे पर पलटवार: बालासाहेब की विरासत से धोखा
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी का साथ देने वाली पार्टियों को नुकसान हुआ — सिन्हा ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'जिस पार्टी ने राहुल गांधी के साथ गठबंधन किया, उसे कोई नुकसान नहीं हुआ। एकनाथ शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे की विरासत और आदर्शों के साथ धोखा किया — सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए बालासाहेब की पार्टी छोड़ दी।' सिन्हा ने यह भी कहा कि शिवसेना एकनाथ शिंदे की नहीं है और शिंदे को पहले अपनी आत्मा की आवाज़ सुननी चाहिए।
भाजपा की रणनीति पर बड़ा आरोप: क्षेत्रीय दलों को निगलने की साज़िश
सिन्हा ने BJP पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, 'भाजपा क्षेत्रीय पार्टियों को अपने साथ मिलाकर निगल जाना चाहती है।' उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि BJP के साथ जाने वाले क्षेत्रीय दलों की राजनीतिक पहचान धीरे-धीरे खत्म हो जाती है। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
राम मंदिर चंदा विवाद: न्यायिक जांच की मांग
अयोध्या राम मंदिर की दानपेटी से करोड़ों रुपये की कथित चोरी के मामले पर सिन्हा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा, 'राम मंदिर के दानपेटी से करोड़ रुपए चोरी होने से जनता की भावना आहत हुई है। इसकी एसआईटी नहीं, न्यायिक जांच होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश शासन पर राम भक्तों को भरोसा नहीं है।'
नीट पेपर लीक: शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग
नीट पेपर लीक विवाद पर सिन्हा ने कहा कि BJP सरकार के नेतृत्व में अब तक 79 पेपर लीक हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और टेलीग्राम ऐप पर प्रतिबंध को 'नाकाफी' करार दिया। आलोचकों का कहना है कि पेपर लीक की यह श्रृंखला परीक्षा प्रणाली की गहरी खामियों को उजागर करती है। आगे यह देखना होगा कि कांग्रेस इन मुद्दों को संसद के भीतर और बाहर किस तरह आगे बढ़ाती है।