30 अक्टूबर 2026
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चक्रवात अर्नब: राष्ट्रपति मुर्मु ने CM माझी से ली ओडिशा की स्थिति की जानकारी, किसानों को मुआवजे का आश्वासन

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चक्रवात अर्नब: राष्ट्रपति मुर्मु ने CM माझी से ली ओडिशा की स्थिति की जानकारी, किसानों को मुआवजे का आश्वासन

सारांश

चक्रवात अर्नब की तबाही के बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने खुद CM माझी को फोन कर ओडिशा का हालचाल जाना — यह केवल शिष्टाचार नहीं, राजनीतिक संकेत भी है। साथ ही, ₹707.60 करोड़ की पीएम-किसान किस्त और मुआवजे का आश्वासन राज्य के 35 लाख से अधिक किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 30 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के CM मोहन चरण माझी से चक्रवात अर्नब के बाद की स्थिति पर टेलीफोन पर बात की।
राष्ट्रपति ने राहत-बचाव अभियानों की प्रगति और विस्थापित नागरिकों के हालचाल की जानकारी ली।
CM माझी ने बाढ़-प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का आकलन कर जल्द मुआवजे का आश्वासन दिया।
पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त के तहत ओडिशा के 35.38 लाख किसानों को DBT से ₹707.60 करोड़ हस्तांतरित किए गए; प्रत्येक को ₹2,000 मिले।
मुख्यमंत्री ने किसानों से एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण पूरा करने का आग्रह किया।
राज्य की सीएम-किसान और कृषि विद्या निधि छात्रवृत्ति योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 30 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से टेलीफोन पर बातचीत कर चक्रवात अर्नब और उसके बाद आई बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। राष्ट्रपति ने चक्रवात व बाढ़ से प्रभावित एवं विस्थापित नागरिकों के हालचाल के साथ-साथ राहत और बचाव अभियानों की प्रगति के बारे में भी पूछा।

राष्ट्रपति की चिंता और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति मुर्मु ने इस बातचीत में प्रभावित लोगों के कल्याण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। मुख्यमंत्री माझी ने राष्ट्रपति के प्रति आभार जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कहा कि चक्रवात अर्नब के बाद ओडिशा के प्रति उनकी चिंता और सहयोग के लिए वे कृतज्ञ हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का प्रोत्साहन और समर्थन राज्य सरकार के इस संकल्प को और मज़बूत करता है कि हर ओडिशावासी की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई जिले चक्रवात और बाद की बाढ़ की मार से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।

किसानों को मुआवजे का आश्वासन

मुख्यमंत्री माझी ने शुक्रवार को लगातार बारिश, बाढ़ और चक्रवात के बाद हुई वर्षा से प्रभावित किसानों को भरोसा दिलाया कि फसल नुकसान का आकलन कर नियमानुसार जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने किसानों को राज्य का अन्नदाता बताते हुए कहा कि उनकी आर्थिक समृद्धि ओडिशा के समग्र विकास के लिए अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा के इस कठिन दौर में राज्य सरकार किसानों के साथ पूरी दृढ़ता से खड़ी है।

पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त का वितरण

मुख्यमंत्री माझी ने ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT) के कृषि शिक्षा सदन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी होने के अवसर पर किसानों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस किस्त के तहत ओडिशा के 35.38 लाख से अधिक पात्र किसानों के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से ₹707.60 करोड़ भेजे गए हैं, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी को ₹2,000 की सहायता राशि मिली है।

गौरतलब है कि पीएम-किसान योजना देशभर के छोटे और सीमांत किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में प्रदान करती है, और ओडिशा इस योजना के प्रमुख लाभार्थी राज्यों में शामिल है।

एग्रीस्टैक पंजीकरण और राज्य की योजनाएँ

मुख्यमंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि जो अब तक एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा सके हैं, वे निकटतम राजस्व या कृषि कार्यालय से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करें, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने राज्य सरकार की सीएम-किसान योजना और कृषि विद्या निधि छात्रवृत्ति योजना का भी उल्लेख किया, जो सीएम-किसान लाभार्थियों के बच्चों के लिए संचालित है।

आने वाले दिनों में फसल नुकसान के आकलन और मुआवजे की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है, और राज्य सरकार के राहत अभियानों की गति पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसमें राजभवन स्तर की सक्रियता राहत तंत्र पर राजनीतिक दबाव का संकेत भी देती है। हालाँकि पीएम-किसान किस्त का समय चक्रवात राहत घोषणाओं के साथ मेल खाना एक सुविधाजनक संयोग है, असली परीक्षा यह होगी कि फसल नुकसान के आकलन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और त्वरित रहती है। ओडिशा में पिछले कई चक्रवातों के बाद भी मुआवजे में देरी और पात्र किसानों के छूट जाने की शिकायतें रही हैं। इस बार एग्रीस्टैक पोर्टल की भूमिका इन खामियों को दूर करने का दावा करती है, लेकिन ग्रामीण कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की बाधाएँ उस दावे को अभी भी चुनौती देती हैं।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात अर्नब क्या है और इसने ओडिशा को कैसे प्रभावित किया?
चक्रवात अर्नब एक उष्णकटिबंधीय तूफ़ान है जिसने ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ का कारण बना। इससे राज्य के कई जिलों में नागरिक विस्थापित हुए और फसलों को व्यापक नुकसान पहुँचा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने CM माझी से क्यों बात की?
राष्ट्रपति मुर्मु ने 30 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के CM मोहन चरण माझी को फोन कर चक्रवात अर्नब के बाद राज्य की स्थिति, राहत-बचाव अभियानों की प्रगति और प्रभावित नागरिकों के हालचाल की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित लोगों के कल्याण को लेकर चिंता व्यक्त की।
ओडिशा के बाढ़-प्रभावित किसानों को मुआवजा कब मिलेगा?
CM माझी ने शुक्रवार को आश्वासन दिया कि फसल नुकसान का आकलन कर नियमानुसार जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाएगा। हालाँकि सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त में ओडिशा के किसानों को कितना मिला?
ओडिशा के 35.38 लाख से अधिक पात्र किसानों के खातों में DBT के माध्यम से ₹707.60 करोड़ हस्तांतरित किए गए हैं। प्रत्येक लाभार्थी किसान को ₹2,000 की सहायता राशि मिली है।
एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण क्यों जरूरी है?
एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण से किसान केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाओं का लाभ सीधे अपने खाते में पा सकते हैं। CM माझी ने किसानों से आग्रह किया है कि जो पंजीकरण से वंचित हैं, वे निकटतम राजस्व या कृषि कार्यालय से संपर्क करें।
राष्ट्र प्रेस
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