30 अक्टूबर 2026
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आप पार्षदों को ₹2 करोड़ में से ₹50 लाख ही मिले, अंकुश नारंग बोले — भाजपा कर रही है राजनीतिक भेदभाव

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आप पार्षदों को ₹2 करोड़ में से ₹50 लाख ही मिले, अंकुश नारंग बोले — भाजपा कर रही है राजनीतिक भेदभाव

सारांश

दिल्ली MCD की स्थायी समिति बैठक में AAP और भाजपा आमने-सामने आ गए। आप का आरोप है कि ₹2 करोड़ के वादे में से सात महीने बाद भी सिर्फ ₹50 लाख मिले हैं। यह विवाद फंड से बड़ा है — यह दिल्ली की नगरपालिका सत्ता पर दोनों दलों की जंग का नया मोर्चा है।

मुख्य बातें

MCD स्थायी समिति की बैठक में 30 अक्टूबर 2026 को AAP पार्षदों ने लंबित विकास फंड का मुद्दा उठाया।
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने प्रत्येक पार्षद को ₹2 करोड़ देने का वादा किया था, लेकिन AAP पार्षदों को अब तक केवल ₹50 लाख मिले हैं।
MCD नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने पार्षदों को CMDF के तहत पूरा पैसा दे रही है, AAP पार्षदों के साथ भेदभाव हो रहा है।
MCD सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने मांग की कि स्थायी समिति अपनी जिम्मेदारी पूरी दिल्ली की जनता के प्रति निभाए।
बैठक में दिल्ली प्रदूषण , छठ पूजा व्यवस्था, इमारत हादसे, अवैध निर्माण और डेंगू-मलेरिया रोकथाम के मुद्दे भी उठाए गए।

दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्थायी समिति की बैठक में 30 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने लंबित विकास फंड का मुद्दा तीखे तेवरों के साथ उठाया। AAP का आरोप है कि भाजपा राजनीतिक भेदभाव के तहत विपक्षी पार्षदों के वार्डों का विकास जानबूझकर रोक रही है, जिससे नई दिल्ली के लाखों नागरिक बुनियादी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।

फंड विवाद की पूरी कहानी

MCD में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने बताया कि पिछले वर्ष बजट चर्चा के दौरान स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने प्रत्येक पार्षद को क्षेत्र विकास हेतु ₹2 करोड़ देने की घोषणा की थी। किंतु सात महीने बीत जाने के बाद भी AAP पार्षदों को मात्र ₹50 लाख ही मिले हैं। नारंग ने सवाल किया कि शेष ₹1.5 करोड़ कब और किस आधार पर जारी किए जाएंगे, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा।

नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने पार्षदों को CMDF के तहत पूरी राशि उपलब्ध करा रही है, जबकि AAP पार्षदों के फंड पर रोक लगाई जा रही है। उनका कहना था — 'क्या आप पार्षदों का फंड रोककर भाजपा दिल्ली की जनता से बदला ले रही है?'

MCD की सह-प्रभारी का बयान

MCD की सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि भाजपा और स्थायी समिति पिछले सात महीनों से AAP पार्षदों को फंड के नाम पर गुमराह कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को डर है कि यदि AAP पार्षदों को पर्याप्त फंड मिल गया तो वे अपने क्षेत्रों में बेहतर काम कराकर जनता का विश्वास जीत लेंगे।

डोगरा ने कहा कि स्थायी समिति की अध्यक्ष की जिम्मेदारी केवल भाजपा पार्षदों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली की जनता के प्रति है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा दिल्ली की जनता के लिए काम नहीं कर सकती तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।

प्रदूषण, छठ पूजा और नागरिक मुद्दे

बैठक में दिल्ली प्रदूषण का मुद्दा भी उठा। नारंग ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका है, लेकिन MCD के पास कोई ठोस कार्ययोजना नजर नहीं आ रही। उन्होंने यह भी पूछा कि छठ पूजा नजदीक होने के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए घाटों और जरूरी व्यवस्थाओं का इंतजाम सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया।

नारंग ने उल्लेख किया कि पूर्व में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP सरकार के दौरान छठ पूजा की व्यवस्था के लिए प्रत्येक पार्षद को ₹40,000 का फंड दिया जाता था। उन्होंने भाजपा से पूछा कि क्या इस बार यह बजट बढ़ाया गया है।

इमारत हादसे और अवैध निर्माण

नारंग ने बैठक में दिल्ली में लगातार हो रहे इमारत गिरने के हादसों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में एक इमारत गिरने की घटना हुई। इससे पहले सत्य निकेतन और दक्षिणी दिल्ली में भी ऐसे हादसे सामने आ चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि MCD के बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों के साथ कथित गठजोड़ के कारण अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।

आगे क्या होगा

AAP ने स्थायी समिति की बैठक में मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू की रोकथाम, दीपावली पर रोशनी व्यवस्था, मिड-डे-मील की गुणवत्ता और सौंदर्यीकरण जैसे कई मुद्दों पर भाजपा से जवाबदेही माँगी है। यह टकराव आगामी MCD चुनावी राजनीति में और तीखा रूप ले सकता है, क्योंकि दोनों पार्टियाँ दिल्ली की नगरपालिका सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जनता के सामने अपना-अपना पक्ष रख रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार यह एक ठोस संख्या के साथ आया है — ₹2 करोड़ के वादे के मुकाबले ₹50 लाख की हकीकत। MCD जैसी संस्था में, जहाँ वार्ड-स्तर पर विकास की रफ्तार सीधे तौर पर फंड उपलब्धता से जुड़ी है, यह विवाद केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं — यह जवाबदेही का असली सवाल है। भाजपा ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया कि CMDF के तहत वितरण में कोई एकसमान नीति है या नहीं। जब तक वितरण का पारदर्शी ब्यौरा सामने नहीं आता, तब तक AAP के आरोपों को सिरे से खारिज करना संभव नहीं।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

MCD में AAP और भाजपा के बीच फंड विवाद क्या है?
स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने प्रत्येक पार्षद को क्षेत्र विकास के लिए ₹2 करोड़ देने का वादा किया था। AAP का आरोप है कि सात महीने बाद भी उसके पार्षदों को केवल ₹50 लाख मिले हैं, जबकि भाजपा पार्षदों को CMDF के तहत पूरी राशि दे दी गई है।
अंकुश नारंग कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
अंकुश नारंग MCD में नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने 30 अक्टूबर 2026 को स्थायी समिति की बैठक में भाजपा पर राजनीतिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि AAP पार्षदों का फंड रोककर भाजपा दिल्ली की जनता से बदला ले रही है।
MCD बैठक में प्रदूषण और छठ पूजा का मुद्दा क्यों उठाया गया?
नारंग ने कहा कि दिल्ली में आने वाले दिनों में प्रदूषण बढ़ सकता है और छठ पूजा नजदीक है। उन्होंने भाजपा से पूछा कि इस बार श्रद्धालुओं के लिए घाट और जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी या नहीं, क्योंकि पहले हर पार्षद को इसके लिए ₹40,000 का फंड मिलता था।
दिल्ली में इमारत गिरने के हादसों पर AAP ने क्या कहा?
नारंग ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली, सत्य निकेतन और दक्षिणी दिल्ली में हुए हादसों का हवाला देते हुए कहा कि MCD के बिल्डिंग विभाग के अधिकारियों के साथ कथित गठजोड़ के कारण अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रीति डोगरा ने भाजपा से क्या मांग की?
MCD सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि स्थायी समिति अध्यक्ष की जिम्मेदारी पूरी दिल्ली की जनता के प्रति है, न कि केवल भाजपा पार्षदों के प्रति। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा दिल्ली के लिए काम नहीं कर सकती तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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