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साकेत इमारत हादसा भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा: MCD विपक्ष नेता अंकुश नारंग का BJP पर हमला

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साकेत इमारत हादसा भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा: MCD विपक्ष नेता अंकुश नारंग का BJP पर हमला

सारांश

साकेत में इमारत गिरने की त्रासदी पर MCD विपक्ष नेता अंकुश नारंग ने BJP-शासित निगम प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने इसे हादसा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और मिलीभगत का परिणाम बताते हुए कमिश्नर को पत्र लिखकर निष्पक्ष जाँच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को मुआवज़े की माँग की है।

मुख्य बातें

MCD विपक्ष नेता अंकुश नारंग ने साकेत इमारत गिरने को भ्रष्टाचार और लापरवाही का नतीजा बताया।
नारंग ने 3 जून 2026 को म्युनिसिपल कमिश्नर को औपचारिक पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की माँग की।
एक्स पर पोस्ट में BJP -शासित MCD प्रशासन पर ‘मिलीभगत’ का सीधा आरोप लगाया।
पत्र में दिल्ली भर में जर्जर और अवैध इमारतों के व्यापक सर्वेक्षण की माँग शामिल।
दोषी अधिकारियों एवं इंजीनियरों पर अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवज़े की माँग।

दिल्ली नगर निगम (MCD) में विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने साकेत में हुई इमारत गिरने की घटना को महज़ हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे भ्रष्टाचार, लापरवाही और मिलीभगत का नतीजा करार दिया है। नारंग ने 3 जून 2026 को म्युनिसिपल कमिश्नर को औपचारिक पत्र लिखकर निष्पक्ष जाँच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को मुआवज़े की माँग की है।

मुख्य आरोप और सोशल मीडिया पोस्ट

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए नारंग ने लिखा, “साकेत भवन की घटना कोई हादसा नहीं है, बल्कि भाजपा की सरकार वाली एमसीडी में अधिकारियों के भ्रष्टाचार, लापरवाही और मिलीभगत का नतीजा है।” उन्होंने कथित तौर पर आरोप लगाया कि स्थानीय निवासियों ने अवैध निर्माण की कई बार शिकायत की थी, परन्तु निगम स्तर पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।

विपक्ष नेता के अनुसार, इसी प्रशासनिक उदासीनता की कीमत बेगुनाह नागरिकों को अपनी जान गँवाकर चुकानी पड़ी।

कमिश्नर को लिखे पत्र की प्रमुख माँगें

नारंग ने पत्र की प्रति सार्वजनिक रूप से साझा करते हुए कई बिंदुओं पर तत्काल कार्रवाई की माँग की है। इनमें शामिल हैं — साकेत में इमारत गिरने के सटीक कारणों की गहन जाँच; स्वीकृत भवन योजनाओं, निर्माण अनुमतियों और निरीक्षण रिकॉर्ड की समीक्षा; दोषी अधिकारियों एवं इंजीनियरों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई; तथा पूरी दिल्ली में जर्जर, अवैध और कमज़ोर इमारतों का व्यापक सर्वेक्षण।

पत्र में आगे कहा गया है, “एमसीडी को दिल्लीवासियों की जान लेने का कोई अधिकार नहीं है, लेकिन एमसीडी के अधिकारी अपने छोटे-मोटे निजी स्वार्थों के लिए दिल्ली के निवासियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।”

राजनीतिक संदर्भ और पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिसंबर 2022 में हुए MCD चुनावों के बाद से नगर निगम की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) और BJP के बीच लगातार टकराव बना हुआ है। गौरतलब है कि दिल्ली में जर्जर और अनधिकृत निर्माण से जुड़ी इमारत-गिरने की घटनाएँ पिछले कुछ वर्षों में बार-बार सामने आती रही हैं, जिनमें मुस्तफ़ाबाद और सब्ज़ी मंडी जैसे इलाक़े भी प्रभावित हो चुके हैं।

नागरिक सुरक्षा और जवाबदेही पर ज़ोर

नारंग ने ज़ोर देकर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसी घटनाओं में जवाबदेही तय करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी माँग की कि जाँच की पूरी रिपोर्ट सदन में पेश की जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

क्या होगा आगे

विपक्ष नेता ने MCD प्रशासन से अपील की है कि मामले को जितनी गंभीरता से लिया जाना चाहिए, उतनी ही तेज़ी से कार्रवाई हो। अब निगाहें इस पर हैं कि कमिश्नर कार्यालय कब तक जाँच समिति गठित करता है और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवज़ा पैकेज की घोषणा कब की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ राजनीतिक खींचतान अक्सर बुनियादी निरीक्षण कर्तव्यों पर भारी पड़ती है। नारंग का सवाल जायज़ है, लेकिन AAP-BJP की राजनीतिक रस्साकशी में असली मुद्दा — अवैध निर्माण पर ज़मीनी स्तर की मिलीभगत — पिछले कई वर्षों से हर सत्तापक्ष में बना रहा है, चाहे निगम किसी की भी सरकार रही हो। असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक होती है और जूनियर इंजीनियर से ऊपर तक कार्रवाई पहुँचती है, या यह भी पिछली घोषणाओं की तरह फ़ाइलों में दफ़न हो जाती है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साकेत इमारत गिरने की घटना पर अंकुश नारंग ने क्या आरोप लगाए हैं?
MCD विपक्ष नेता अंकुश नारंग ने साकेत में इमारत गिरने को हादसा नहीं, बल्कि BJP-शासित नगर निगम में अधिकारियों के भ्रष्टाचार, लापरवाही और मिलीभगत का नतीजा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की अवैध निर्माण संबंधी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नारंग ने MCD कमिश्नर से क्या माँगें की हैं?
उन्होंने घटना की निष्पक्ष और गहन जाँच, स्वीकृत भवन योजनाओं व निरीक्षण रिकॉर्ड की समीक्षा, दोषी अधिकारियों और इंजीनियरों पर सख्त अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की माँग की है। साथ ही पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा और दिल्ली भर में जर्जर इमारतों के व्यापक सर्वेक्षण की भी अपील की है।
अंकुश नारंग कौन हैं?
अंकुश नारंग दिल्ली नगर निगम (MCD) में विपक्ष के नेता हैं और आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े हैं। वे MCD में BJP-शासित बहुमत के विरुद्ध विपक्ष की आवाज़ बनकर नागरिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई अपेक्षित है?
नारंग ने माँग की है कि जाँच की पूरी रिपोर्ट सदन में पेश की जाए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो। अब MCD कमिश्नर कार्यालय की प्रतिक्रिया और जाँच समिति के गठन पर सबकी निगाहें हैं।
क्या नारंग ने पत्र की प्रति सार्वजनिक की है?
हाँ, अंकुश नारंग ने कमिश्नर को लिखे पत्र की प्रति एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सार्वजनिक रूप से साझा की है। पत्र में उन्होंने MCD अधिकारियों पर निजी स्वार्थ के लिए नागरिकों की जान से खिलवाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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