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क्या एमसीडी में एमटीएस कर्मचारियों की समस्याओं पर बनी समिति की बैठक बेनतीजा रही?

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क्या एमसीडी में एमटीएस कर्मचारियों की समस्याओं पर बनी समिति की बैठक बेनतीजा रही?

सारांश

दिल्ली नगर निगम में एमटीएस कर्मचारियों की समस्याओं पर बनी समिति की बैठक बेनतीजा रही। आम आदमी पार्टी के नेता अंकुश नारंग ने भाजपा और मेयर राजा इकबाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। जानिए इस बैठक के परिणाम और कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में।

मुख्य बातें

एमटीएस कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान जरूरी है।
भाजपा पर गंभीर आरोप लगे हैं।
दिल्ली में मलेरिया और डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं।
कर्मचारियों को दीपावली पर राहत नहीं मिली।

नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में हड़ताल पर बैठे मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) कर्मचारियों की समस्याओं पर बनी समिति की पहली बैठक बेनतीजा रही। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष एवं आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अंकुश नारंग ने इस पर भाजपा और मेयर राजा इकबाल सिंह को जमकर घेरा।

अंकुश नारंग ने कहा कि दीपावली के मौके पर भाजपा ने कर्मचारियों को राहत देने के बजाय समिति बनाकर सिर्फ झुनझुना पकड़ा दिया है। शनिवार को हुई समिति की पहली बैठक में न तो मेयर राजा इकबाल सिंह पहुंचे और न ही एमसीडी के स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। ऐसे में बैठक का कोई परिणाम निकलना संभव ही नहीं था।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने समिति का गठन तो कर दिया, लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने की नीयत नहीं है। बीते 25 दिनों से एमटीएस कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे दिल्ली में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। नारंग ने कहा, "हिंदू त्योहारों के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा ने उन्हीं हिंदू कर्मचारियों को दशहरा, करवाचौथ, दीपावली और अब छठ महापर्व भी सड़क पर मनाने को मजबूर कर दिया।"

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इन कर्मचारियों की दीपावली 'काली दीपावली' में बदल दी है। अधिकारी कर्मचारियों की संख्या और खर्च को लेकर गलत आंकड़े पेश कर रहे हैं। एमसीडी में एमटीएस की कुल संख्या 9 हजार है, न कि 33 हजार जैसा कि अधिकारियों ने बताया है। वहीं, 400 करोड़ रुपए9 हजार एमटीएस कर्मचारियों को समान वेतन देने पर करीब 90 करोड़ रुपए और 5200 कर्मचारियों पर 41 करोड़ रुपए का ही अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।"

नारंग ने कहा कि भाजपा की चारों इंजन की सरकार, केंद्र, राज्य, उपराज्यपाल और एमसीडी, दिल्ली में होने के बावजूद कर्मचारियों की समस्या हल नहीं कर पा रही। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और महापौर राजा इकबाल सिंह सभी भाजपा से हैं। अगर ये 41 करोड़ रुपए का बजट भी नहीं जुटा पा रहे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं। यह आवश्यक है कि सरकारें और संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लें और शीघ्र समाधान प्रस्तुत करें।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमटीएस कर्मचारियों की समस्याएं क्या हैं?
एमटीएस कर्मचारियों की समस्याएं वेतन, कार्य स्थितियों और स्वास्थ्य सुरक्षा से संबंधित हैं।
क्यों हुई थी समिति की बैठक?
यह बैठक एमटीएस कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने के लिए आयोजित की गई थी।
भाजपा पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
आरोप है कि भाजपा ने कर्मचारियों की समस्याओं को सुलझाने की नीयत नहीं दिखाई।
राष्ट्र प्रेस
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