चक्रवात 'अर्नब': CM माझी ने अमित शाह का जताया आभार, ₹19 करोड़ राहत जारी, 43,000 से अधिक लोग सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'अर्नब' के कहर के बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 29 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने राज्य को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं।
मुख्यमंत्री माझी की केंद्र से बातचीत
मुख्यमंत्री माझी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें ओडिशा में अर्नब चक्रवात के प्रभाव, प्रभावित जिलों की मौजूदा स्थिति और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी दी।" उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार का यह सहयोग लोगों की जान बचाने, प्रभावित परिवारों की मदद करने और पूरे राज्य में राहत, पुनर्वास व पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के प्रयासों को मजबूती देगा।
मुख्यमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि "भारत सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ ओडिशावासियों के साथ खड़ी है।"
अमित शाह का आश्वासन और केंद्रीय टीमों की तैनाती
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की। शाह ने लिखा कि NDRF और SDRF की टीमें सक्रिय हो गई हैं और आपदा के असर का आकलन करने तथा आगे की आवश्यक सहायता तय करने के लिए जल्द ही अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) भेजी जाएंगी।
राहत अभियान: ₹19 करोड़ जारी, 43,000 से अधिक लोग सुरक्षित
मुख्यमंत्री माझी ने एक दिन पहले जानकारी दी थी कि चक्रवात से प्रभावित आठ जिलों के लिए ₹19 करोड़ की अग्रिम राहत राशि जारी की गई है। अब तक 43,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है, जिनमें 2,245 गर्भवती महिलाएँ भी शामिल हैं।
313 राहत टीमों की मदद से 931 बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराया गया है — जो इस राहत अभियान की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धियों में से एक है। राज्य पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है और जमीनी स्तर पर निगरानी के साथ साथ केंद्र एवं पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय जारी है।
जनता पर असर और आगे की स्थिति
गौरतलब है कि ओडिशा ऐतिहासिक रूप से बंगाल की खाड़ी से उठने वाले चक्रवातों के सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक रहा है। 1999 के विनाशकारी सुपर साइक्लोन और 2019 के चक्रवात फानी के बाद से ओडिशा ने अपनी आपदा प्रबंधन क्षमता में काफी सुधार किया है। अर्नब के दौरान शून्य मृत्यु का लक्ष्य रखना इसी सुदृढ़ तैयारी का प्रतिबिंब है।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून के बाद के मौसम में बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधियाँ बढ़ी हैं। IMCT के दौरे के बाद केंद्रीय राहत पैकेज का आकार और स्पष्ट होगा, जिससे दीर्घकालिक पुनर्निर्माण कार्यों की दिशा तय होगी।