राज्यपाल का उच्च शिक्षा में सुधार का संदेश: नामांकन, नियुक्ति और नैक-एनआईआरएफ में सक्रियता पर जोर
सारांश
Key Takeaways
- उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार
- नामांकन में वृद्धि
- शिक्षकों की गुणवत्ता पर ध्यान
- नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग में सक्रियता
- विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए प्रयास
लखनऊ, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में जनभवन में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय से जुड़े महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, नामांकन में वृद्धि और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर सख्त निर्देश जारी किए गए। शैक्षणिक उत्कृष्टता, नैक मूल्यांकन और एनआईआरएफ रैंकिंग में सुधार पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक के दौरान, राज्यपाल ने महाविद्यालयों में घटते नामांकन के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की और प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया कि वे विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक छात्रों को जोड़ने का प्रयास करें। इसके लिए स्कूलों, इंटर कॉलेजों और अभिभावकों के साथ व्यापक जनसंपर्क स्थापित करने और संस्थानों की उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में संस्थानों की संख्या में वृद्धि से ज्यादा महत्वपूर्ण गुणवत्ता में सुधार है। उन्होंने अभिभावकों को बेटा-बेटी दोनों को समान शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। शिक्षकों की गुणवत्ता और उनकी उपलब्धता पर जोर देते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों की पीएचडी अधूरी है, उन्हें इसे शीघ्र पूरा करना चाहिए। जहां पद रिक्त हैं, वहां शीघ्र नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, उन्होंने ऑनलाइन कक्षाओं की व्यवस्था लागू करने और ‘क्लस्टर प्रणाली’ विकसित करने पर भी जोर दिया।
राज्यपाल ने ई-कंटेंट लाइब्रेरी के अधिकतम उपयोग, नियमित कक्षाओं के संचालन और अधिकारियों द्वारा आकस्मिक निरीक्षण को अनिवार्य बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि शैक्षणिक अनुशासन और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने महाविद्यालयों में स्वच्छता, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई और कहा कि विद्यार्थियों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही, महान विभूतियों पर आधारित कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता भी बताई।
विद्यार्थियों के रोजगारोन्मुखी विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्यपाल ने प्लेसमेंट गतिविधियों को मजबूत करने, ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं में भागीदारी बढ़ाने और ‘अग्निवीर’ जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय मांग के अनुसार पाठ्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए और महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन एवं एनआईआरएफ रैंकिंग में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने राज्यपाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आया है।