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प्राचीन भारत में थे 19 विश्वस्तरीय शिक्षा केंद्र, दुनिया भर से आते थे छात्र: राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े

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प्राचीन भारत में थे 19 विश्वस्तरीय शिक्षा केंद्र, दुनिया भर से आते थे छात्र: राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े

सारांश

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जयपुर में IIIT धारवाड़ के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राचीन भारत में 19 विश्वस्तरीय शिक्षा केंद्र थे जहाँ पूरी दुनिया से छात्र आते थे — और NEP का लक्ष्य उसी गौरव को पुनर्जीवित करना है।

मुख्य बातें

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने 9 जून 2026 को जयपुर के लोक भवन में IIIT धारवाड़ के छात्रों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा के 19 केंद्र थे और यहाँ दुनिया में सर्वाधिक विश्वविद्यालय थे।
बागड़े ने प्राचीन भारत की भौगोलिक सीमाओं में अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार को शामिल बताया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का उद्देश्य विरासत पर गर्व और युवा नेतृत्व विकास बताया गया।
राजस्थान की स्वतंत्रता सेनानी कालीबाई , चित्तौड़गढ़ किले और गंग नहर की ऐतिहासिक भूमिका पर भी चर्चा हुई।

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने मंगलवार, 9 जून 2026 को जयपुर के लोक भवन में कहा कि प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा के 19 ऐसे केंद्र थे जहाँ विश्व के कोने-कोने से छात्र ज्ञान अर्जित करने आते थे, और उस दौर में भारत में दुनिया में सर्वाधिक विश्वविद्यालय थे। यह संबोधन 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत कर्नाटक के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), धारवाड़ के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान दिया गया।

प्राचीन भारत की शैक्षिक विरासत

राज्यपाल बागड़े ने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही संस्कृति, ज्ञान और परंपराओं में अग्रणी रहा है। उन्होंने जोर दिया कि देश को उस गौरवशाली स्थिति में पुनः स्थापित करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, दूर-दूर के देशों से विद्यार्थी भारत की बौद्धिक परंपरा से लाभान्वित होने यहाँ आते थे।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राचीन काल में भारत की भौगोलिक सीमाएँ आज की तुलना में कहीं अधिक विस्तृत थीं। अफगानिस्तान, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार तक फैले क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये इलाके कभी भारत की विशाल सभ्यता के अभिन्न अंग थे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और युवा नेतृत्व

राज्यपाल बागड़े ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मूल लक्ष्य भारत की समृद्ध विरासत के प्रति गर्व की भावना जागृत करना और युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के लिए तैयार करना है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों को देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर की भी गहरी समझ होनी चाहिए।

गौरतलब है कि 'विकसित भारत' और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के विज़न को युवाओं में प्रतिभा विकास और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के केंद्रीय स्तंभों के रूप में रेखांकित किया गया।

राजस्थान की विरासत और स्वतंत्रता सेनानी

बातचीत के दौरान राज्यपाल ने छात्रों को राजस्थान के भूगोल, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर से परिचित कराया। उन्होंने राजस्थान की आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी कालीबाई और भारत के स्वाधीनता संग्राम में उनके योगदान का विशेष उल्लेख किया।

इसके अलावा उन्होंने सरदार सरोवर बाँध से राजस्थान तक नर्मदा जल लाने की परियोजना, चित्तौड़गढ़ किले के ऐतिहासिक महत्व और दुनिया की सबसे बड़ी लाइन्ड नहरों में से एक मानी जाने वाली गंग नहर के इतिहास पर भी विस्तार से चर्चा की।

आगे की दिशा

राज्यपाल बागड़े का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार NEP के क्रियान्वयन को गति दे रही है और उच्च शिक्षा संस्थानों में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में शामिल करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। IIIT धारवाड़ के छात्रों की यह यात्रा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान की व्यापक पहल का हिस्सा है, जो विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की विरासत से जोड़ने का प्रयास करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इतिहासकारों के बीच प्राचीन संस्थानों की संख्या और स्वरूप पर मतभेद रहे हैं। तकनीकी शिक्षा के छात्रों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का विचार सराहनीय है, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि पाठ्यक्रम में यह समावेश आलोचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करता है या केवल गौरव-बोध तक सीमित रहता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने प्राचीन भारत के विश्वविद्यालयों के बारे में क्या कहा?
राज्यपाल बागड़े ने कहा कि प्राचीन भारत में उच्च शिक्षा के 19 विश्वस्तरीय केंद्र थे और उस दौर में भारत में दुनिया में सर्वाधिक विश्वविद्यालय थे। उन्होंने कहा कि दूर-दूर के देशों से छात्र यहाँ ज्ञान अर्जित करने आते थे।
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम क्या है और इस बातचीत का संदर्भ क्या था?
'एक भारत श्रेष्ठ भारत' केंद्र सरकार की एक पहल है जो विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति और विरासत से जोड़ती है। इसी के तहत IIIT धारवाड़, कर्नाटक के छात्र जयपुर के लोक भवन में राज्यपाल बागड़े से मिले।
राज्यपाल बागड़े ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि NEP का मकसद भारत की समृद्ध विरासत के प्रति गर्व की भावना जागृत करना और युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व के लिए तैयार करना है। उनके अनुसार तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज्ञान भी ज़रूरी है।
कालीबाई कौन थीं, जिनका राज्यपाल ने उल्लेख किया?
कालीबाई राजस्थान की एक आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी थीं जिन्होंने भारत के स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। राज्यपाल बागड़े ने उनका उल्लेख छात्रों को राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराने के क्रम में किया।
गंग नहर का क्या महत्व है जिसका राज्यपाल ने जिक्र किया?
गंग नहर को दुनिया की सबसे बड़ी लाइन्ड नहरों में से एक माना जाता है और यह राजस्थान की प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। राज्यपाल ने इसे राजस्थान की इंजीनियरिंग और ऐतिहासिक धरोहर के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
राष्ट्र प्रेस
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