गुजरात को बागवानी उत्कृष्टता पर 'कृषि नेतृत्व पुरस्कार 2026', राजनाथ सिंह ने किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 10 जुलाई 2026 को आयोजित 17वें एग्रीकल्चर लीडरशिप कॉन्क्लेव में गुजरात को बागवानी क्षेत्र में असाधारण प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित 'कृषि नेतृत्व पुरस्कार 2026' से नवाज़ा गया। यह सात वर्षों में बागवानी श्रेणी में राज्य का पहला कृषि नेतृत्व पुरस्कार है और गुजरात की कृषि नीतियों को मिली नवीनतम राष्ट्रीय स्वीकृति है।
पुरस्कार समारोह और प्रमुख उपस्थिति
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े की उपस्थिति में यह पुरस्कार प्रदान किया। गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघानी ने राज्य सरकार की ओर से पुरस्कार ग्रहण किया। समारोह में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सथाशिवम भी उपस्थित रहे, जिन्होंने गुजरात की कृषि नीतियों की सराहना की।
आयोजकों के अनुसार, पुरस्कारों का मूल्यांकन न्यायमूर्ति पी. सथाशिवम की अध्यक्षता वाली स्वतंत्र जूरी द्वारा किया जाता है।
पुरस्कार की पृष्ठभूमि और महत्व
कृषि नेतृत्व पुरस्कार की स्थापना 2008 में एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप द्वारा प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन के सुझाव पर की गई थी। 1998 में स्थापित यह संगठन नीति निर्माताओं, कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यरत है।
गौरतलब है कि गुजरात को इससे पहले 2009 और 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य' के रूप में यह पुरस्कार मिल चुका है। राज्य को 2018 में पुनः 'सर्वश्रेष्ठ कृषि राज्य' और 2019 में पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भी सम्मानित किया गया था।
वाघानी का संबोधन और किसानों को समर्पण
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद कृषि मंत्री वाघानी ने कहा कि यह सम्मान बागवानी क्षेत्र में किए गए अथक कार्यों और नवाचारों की पहचान है। उन्होंने स्पष्ट किया, 'यह सम्मान न केवल सरकार के लिए है, बल्कि गुजरात के लाखों मेहनती किसानों और कृषि विभाग की पूरी टीम के लिए भी है।' उन्होंने यह पुरस्कार राज्य के किसानों को समर्पित करते हुए बागवानी व कृषि विभाग से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी।
गुजरात की कृषि विकास यात्रा
वाघानी ने बताया कि कृषि महोत्सव, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और ड्रिप सिंचाई जैसी पहलों ने गुजरात को दसवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 9.9 प्रतिशत की कृषि विकास दर दर्ज करने में अहम भूमिका निभाई। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में कृषि क्षेत्र में जल-संरक्षण और तकनीक-आधारित खेती पर ज़ोर बढ़ रहा है।
आगे देखें तो यह पुरस्कार गुजरात के लिए बागवानी क्षेत्र में नई नीतिगत पहलों की दिशा में एक प्रेरणा बन सकता है, जिसका लाभ राज्य के किसानों को दीर्घकाल में मिलने की उम्मीद है।