क्या गुजरात कैबिनेट ने किसान हितैषी राहत पैकेजों के लिए सीएम भूपेंद्र पटेल को बधाई दी?

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क्या गुजरात कैबिनेट ने किसान हितैषी राहत पैकेजों के लिए सीएम भूपेंद्र पटेल को बधाई दी?

सारांश

गुजरात कैबिनेट ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को किसान-केंद्रित राहत पैकेजों की घोषणा पर बधाई दी। मंत्री जीतू वघानी ने मुआवजे और जल प्रबंधन में राज्य की उपलब्धियों की जानकारी साझा की। जानिए इस पहल के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

गुजरात कैबिनेट ने राहत पैकेजों की घोषणा की।
किसानों के लिए 947 करोड़ रुपए का मुआवजा।
जल प्रबंधन में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।
सड़क गुणवत्ता पर सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रियों को जन समस्याओं पर ध्यान देने का आदेश।

अहमदाबाद, 12 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात कैबिनेट ने सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को दो महत्वपूर्ण किसान-केंद्रित कृषि राहत पैकेजों की घोषणा और राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। गांधीनगर में हुई कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री जीतू वघानी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने पहले बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए 947 करोड़ रुपए और 10,000 करोड़ रुपए के दो महत्वपूर्ण राहत पैकेज की घोषणा की थी।

उन्‍होंने कहा कि 90 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन के साथ दोनों पैकेजों के तहत कुल सहायता अब 11,137 करोड़ रुपए हो गई है। वघानी ने कहा कि कैबिनेट ने गुजरात के किसानों की ओर से फसल नुकसान से उबरने में मदद करने के उद्देश्य से इस संवेदनशील और उदार पहल के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

उन्‍होंने आगे कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में भी गुजरात ने जल संरक्षण श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त करते हुए गौरवपूर्ण स्थान हासिल किया है।

अन्य पुरस्कारों के अलावा बनास डेयरी ने सिविल सोसाइटी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया, आईआईटी-गांधीनगर को इनसाइड कैंपस श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और भावनगर नगर निगम ने शहरी स्थानीय निकाय श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया।

मंत्रिमंडल ने उन सभी संस्थानों और व्यक्तियों को बधाई देते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया, जिनके योगदान से राज्य को यह राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ।

मंत्री जीतू वघानी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे सोमवार और मंगलवार को विशेष रूप से जन शिकायतों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के अभ्यावेदन सुनने के लिए आरक्षित रखें।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने निर्देश दिया है कि इन दो दिनों में मंत्री अन्य बैठकों या कार्यक्रमों में भाग लेने के बजाय नागरिकों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनने और प्रभावी निवारण सुनिश्चित करने के लिए पूरे दिन अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें।

इसके अलावा, उन्होंने सभी प्रभारी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों का दौरा करने, स्थानीय प्रशासन के साथ समीक्षा बैठकें करने और प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करने को कहा है।

मंत्रियों को अपने जिलों में सड़कों की स्थिति का आकलन करने, 30 नवंबर तक संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकें करने और विस्तृत स्थिति रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री को प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए और सख्त निगरानी उपायों के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घटिया काम के किसी भी मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की जानी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जल प्रबंधन में राज्य की उपलब्धियों को भी उजागर करता है। इस प्रकार की पहलें कृषि क्षेत्र की स्थिरता को बनाए रखने में मदद करती हैं और किसानों के जीवन में सुधार लाती हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात सरकार ने किसान राहत पैकेजों की घोषणा कब की?
गुजरात सरकार ने किसान राहत पैकेजों की घोषणा सोमवार, 12 नवंबर को की।
किसान राहत पैकेजों की कुल राशि क्या है?
किसान राहत पैकेजों की कुल राशि 11,137 करोड़ रुपए है।
गुजरात ने जल प्रबंधन में कौन सा पुरस्कार जीता?
गुजरात ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा घोषित छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों में जल संरक्षण श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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