सहरसा निकाह में मटन-चिकन विवाद: दावत में हाथापाई, 7 से अधिक घायल, पुलिस जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के सहरसा जिले के महिशी ब्लॉक स्थित राजनपुर गांव में 10 जुलाई 2026 को एक निकाह समारोह की दावत में खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक झड़प का रूप ले लिया, जिसमें दूल्हे पक्ष के 7 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के अगले दिन सहरसा पुलिस ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
घटनाक्रम: कैसे बिगड़ा माहौल
सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के अंतर्गत बलुआपार (वार्ड संख्या 12) निवासी मोहम्मद अनवर के पुत्र मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ चंद का निकाह राजनपुर गांव के मोहम्मद जावेद उर्फ मोटो की पुत्री से हुआ था। गुरुवार दोपहर लगभग 3 बजे निकाह की रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
इसके बाद जब मेहमानों को भोजन परोसा गया, तो दूल्हे पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि उनसे मटन परोसने का वादा किया गया था, परंतु दावत में चिकन परोसा गया। इस कहासुनी ने देखते ही देखते हाथापाई का रूप ले लिया।
हिंसा और घायल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच लाठियों, घूंसों और अन्य हथियारों से मारपीट हुई, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दूल्हे पक्ष के जिन लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, उनमें आशिक, इरफान, हसन, अब्बास, जब्बार, आतिफ और महबूब शामिल हैं। सभी घायलों को सिमरी बख्तियारपुर उपमंडल अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया।
पुलिस ने यह भी बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुल्हन पक्ष के कुछ सदस्यों को भी इस झड़प में चोटें आई हैं।
दूल्हे पक्ष का आरोप
दूल्हे के चाचा मोहम्मद इरफान ने आरोप लगाया कि भोजन विवाद शुरू होते ही दुल्हन परिवार के सदस्यों ने अचानक बारात पर हमला कर दिया, जिससे कई मेहमान घायल हो गए। दूल्हे के परिवार ने औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराने का इरादा जताया है।
पुलिस की जांच
सहरसा पुलिस ने घटना के अगले दिन शुक्रवार को जांच शुरू कर दी। जांचकर्ता दोनों परिवारों के बयान दर्ज कर रहे हैं और शिकायतों, गवाहों के बयानों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में सामाजिक समारोहों के दौरान होने वाली छोटी-छोटी बातों से भड़की हिंसा की घटनाएं चिंता का विषय बनती रही हैं। गौरतलब है कि विवाह जैसे पारिवारिक आयोजनों में खान-पान या रीति-रिवाज को लेकर उपजे विवाद कभी-कभी गंभीर हिंसा में बदल जाते हैं।