खटीमा में दहेज विवाद: निकाह के दौरान दुल्हन के पिता की दिल का दौरा पड़ने से मौत, बारातियों की पिटाई
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा स्थित खुशबू मैरिज हॉल में रविवार रात, 8 जून को एक निकाह समारोह उस वक्त त्रासदी में बदल गया जब दहेज और मेहर की रकम को लेकर दोनों पक्षों में तीखा विवाद हो गया और दुल्हन के पिता को दिल का दौरा पड़ गया, जिसके बाद अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने दूल्हे समेत कई बारातियों के साथ मारपीट की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
घटना का पूरा घटनाक्रम
बारात बरेली के बड़ा फरीदपुर से आई थी — दूल्हा मोहम्मद आरिफ, जिसके पिता सादिक ठेकेदार हैं, की शादी वार्ड नंबर-7, इस्लामनगर की एक लड़की से तय थी। बारात के स्वागत तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन जैसे ही निकाह की रस्म शुरू हुई, मेहर की रकम को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
लड़की पक्ष के अनुसार, निकाह के दौरान उन्होंने ₹5 लाख मेहर तय करने की माँग रखी, जबकि लड़का पक्ष केवल ₹21,000 पर अड़ा रहा। काफी देर तक चली बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी।
दहेज की बढ़ती माँग पर लड़की पक्ष के आरोप
लड़की पक्ष का आरोप है कि शादी तय होने के बाद से ही लड़के पक्ष ने लगातार दहेज की माँग बढ़ाई। पहले स्कूटी माँगी गई, फिर उसकी जगह अपाचे बाइक और ₹1 लाख नकद की माँग रख दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
दुल्हन के पिता की मौत और हिंसा
विवाद के बीच तनाव में आए दुल्हन के पिता की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें दिल का दौरा पड़ा। परिजन उन्हें तत्काल नज़दीकी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने दूल्हे मोहम्मद आरिफ, उसके भाई मोहम्मद खालिद और बहनोई अता हुसैन समेत कई बारातियों के साथ मारपीट की। हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ बारातियों को जान बचाने के लिए मैरिज हॉल के समीप एक मकान की छत से कूदकर भागना पड़ा। इस दौरान छत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है।
पुलिस की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
सूचना मिलते ही कोतवाल विजेंद्र शाह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने महिलाओं, बच्चों और अन्य बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाला। देर रात तक पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी रही।
कोतवाल विजेंद्र शाह ने बताया कि मामले को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि समझौता नहीं होता, तो दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में दहेज उत्पीड़न के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि दहेज निषेध अधिनियम के बावजूद इस तरह की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं।