क्या बिहार में हर्ष फायरिंग में दूल्हे की मौत हो गई? आरोपी फरार
सारांश
Key Takeaways
- हर्ष फायरिंग एक खतरनाक परंपरा है।
- दूल्हे की मौत ने पूरे परिवार को दुखी कर दिया।
- पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।
- इस घटना ने समाज के लिए गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- हर्ष फायरिंग को रोकने के लिए कड़े कानूनों की आवश्यकता है।
खगड़िया, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार पुलिस भले ही हर्ष फायरिंग को रोकने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हो, लेकिन यह समस्या बढ़ती ही जा रही है। शनिवार की रात खगड़िया जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक ऐसी ही घटना हुई, जहां निकाह समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग के चलते दूल्हे की मौत हो गई। इस घटना ने निकाह की खुशी को मातम में बदल दिया। आरोपी घटना के बाद से फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चला रही है。
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि घटना कुतुबपुर गांव की है। मोहम्मद इबरान के पुत्र मोहम्मद इरशाद की शादी रुखसार खातून से तय की गई थी। शनिवार की रात, दूल्हा और दुल्हन सभी रस्में निभा रहे थे। घर में उत्साह का माहौल था और लोग निकाह का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे।
आरोप है कि इसी दौरान एक युवक, जो बारात में शामिल था, वहां पहुंचा और फायरिंग शुरू कर दी। उसने पहले आसमान की ओर फायर किया और फिर दूसरी बार ट्रिगर दबाते ही गोली सीधे दूल्हे के गले में जा धंसी। इस घटना से घर में चीख-पुकार मच गई।
इरशाद को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। मुफस्सिल थाना के प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
एफएसएल की टीम को घटनास्थल पर बुलाया गया है। उन्होंने इसे हर्ष फायरिंग की घटना बताया। गोली चलाने वाले की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।