राजस्थान विश्वविद्यालय में डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत नए कुलपति, सीकर और बीकानेर विवि को भी मिला नेतृत्व
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने 25 सितंबर 2026 को राज्य के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों के लिए नए कुलपतियों की नियुक्ति की, जिससे लंबे समय से रिक्त पड़े इन पदों पर नया नेतृत्व स्थापित हुआ। राज्यपाल सचिवालय से गुरुवार देर रात जारी आदेशों के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली राज्य सरकार से परामर्श के बाद ये नियुक्तियाँ की गई हैं।
किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी
डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं और राजस्थान विश्वविद्यालय में उनकी नियुक्ति एक लंबी चयन प्रक्रिया के बाद हुई है।
डॉ. युद्धवीर सिंह को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर का कुलपति नियुक्त किया गया है, जबकि प्रो. नरसी राम बिश्नोई को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की कमान सौंपी गई है।
नियुक्ति की प्रक्रिया और पृष्ठभूमि
राज्यपाल के आदेश के अनुसार, तीनों कुलपतियों का कार्यकाल पद संभालने की तारीख से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक — जो भी पहले हो — रहेगा। नई नियुक्तियाँ तब से प्रभावी मानी जाएंगी जब नए कुलपति औपचारिक रूप से अपना पद ग्रहण करेंगे।
गौरतलब है कि इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया काफी समय से लंबित थी और इन विश्वविद्यालयों में स्थायी नेतृत्व की अनुपस्थिति शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निर्णयों को प्रभावित कर रही थी।
डॉ. सारस्वत की नई भूमिका
राजस्थान विश्वविद्यालय राज्य के सबसे पुराने और बड़े उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है। डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत इस विश्वविद्यालय के एकेडमिक और प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ छात्र प्रबंधन और परिसर-संचालन से जुड़े समस्त मामलों की देखरेख करेंगे।
उनका कोटा विश्वविद्यालय में पूर्व अनुभव उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे बड़े संस्थान के संचालन के लिए तैयार माना जा रहा है।
आगे की राह
तीनों नव-नियुक्त कुलपतियों के पदभार ग्रहण करने के बाद संबंधित विश्वविद्यालयों में नई शैक्षणिक नीतियों और प्रशासनिक सुधारों की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है। राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वविद्यालय प्रशासन पर इन नियुक्तियों का दीर्घकालिक प्रभाव इन नेताओं की कार्यशैली पर निर्भर करेगा।