25 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान विश्वविद्यालय में डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत नए कुलपति, सीकर और बीकानेर विवि को भी मिला नेतृत्व

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान विश्वविद्यालय में डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत नए कुलपति, सीकर और बीकानेर विवि को भी मिला नेतृत्व

सारांश

राजस्थान में तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों को एक साथ नया नेतृत्व मिला। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार से परामर्श के बाद यह नियुक्तियाँ कीं, जिससे लंबे समय से चली आ रही रिक्तता समाप्त हुई।

मुख्य बातें

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने 25 सितंबर 2026 को तीन विश्वविद्यालयों में नए कुलपति नियुक्त किए।
भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर का कुलपति नियुक्त किया गया; वे अभी तक कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति थे।
युद्धवीर सिंह को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर का कुलपति बनाया गया।
नरसी राम बिश्नोई को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की जिम्मेदारी सौंपी गई।
तीनों का कार्यकाल पदभार ग्रहण की तारीख से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु — जो पहले हो — तक रहेगा।
नियुक्तियाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार से परामर्श के बाद की गईं।

राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने 25 सितंबर 2026 को राज्य के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों के लिए नए कुलपतियों की नियुक्ति की, जिससे लंबे समय से रिक्त पड़े इन पदों पर नया नेतृत्व स्थापित हुआ। राज्यपाल सचिवालय से गुरुवार देर रात जारी आदेशों के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली राज्य सरकार से परामर्श के बाद ये नियुक्तियाँ की गई हैं।

किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। वे वर्तमान में कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं और राजस्थान विश्वविद्यालय में उनकी नियुक्ति एक लंबी चयन प्रक्रिया के बाद हुई है।

डॉ. युद्धवीर सिंह को पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर का कुलपति नियुक्त किया गया है, जबकि प्रो. नरसी राम बिश्नोई को महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर की कमान सौंपी गई है।

नियुक्ति की प्रक्रिया और पृष्ठभूमि

राज्यपाल के आदेश के अनुसार, तीनों कुलपतियों का कार्यकाल पद संभालने की तारीख से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक — जो भी पहले हो — रहेगा। नई नियुक्तियाँ तब से प्रभावी मानी जाएंगी जब नए कुलपति औपचारिक रूप से अपना पद ग्रहण करेंगे।

गौरतलब है कि इन पदों के लिए चयन प्रक्रिया काफी समय से लंबित थी और इन विश्वविद्यालयों में स्थायी नेतृत्व की अनुपस्थिति शैक्षणिक एवं प्रशासनिक निर्णयों को प्रभावित कर रही थी।

डॉ. सारस्वत की नई भूमिका

राजस्थान विश्वविद्यालय राज्य के सबसे पुराने और बड़े उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है। डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत इस विश्वविद्यालय के एकेडमिक और प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ छात्र प्रबंधन और परिसर-संचालन से जुड़े समस्त मामलों की देखरेख करेंगे।

उनका कोटा विश्वविद्यालय में पूर्व अनुभव उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे बड़े संस्थान के संचालन के लिए तैयार माना जा रहा है।

आगे की राह

तीनों नव-नियुक्त कुलपतियों के पदभार ग्रहण करने के बाद संबंधित विश्वविद्यालयों में नई शैक्षणिक नीतियों और प्रशासनिक सुधारों की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है। राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वविद्यालय प्रशासन पर इन नियुक्तियों का दीर्घकालिक प्रभाव इन नेताओं की कार्यशैली पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि लंबी रिक्तता के दौरान इन विश्वविद्यालयों में जमा हुई प्रशासनिक और शैक्षणिक चुनौतियों से नए कुलपति कितनी तेज़ी से निपटते हैं। डॉ. सारस्वत का कोटा से जयपुर स्थानांतरण बताता है कि सरकार अनुभवी नामों पर भरोसा कर रही है, लेकिन राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे बड़े और राजनीतिक रूप से संवेदनशील संस्थान में स्वायत्तता और जवाबदेही का संतुलन बनाए रखना कठिन परीक्षा होगी।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलपति कौन हैं?
डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यरत थे।
सीकर और बीकानेर विश्वविद्यालय के नए कुलपति कौन हैं?
पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में डॉ. युद्धवीर सिंह को और महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में प्रो. नरसी राम बिश्नोई को कुलपति नियुक्त किया गया है।
नए कुलपतियों का कार्यकाल कितने समय का होगा?
राज्यपाल के आदेश के अनुसार, तीनों कुलपतियों का कार्यकाल पद संभालने की तारीख से तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक — जो भी पहले हो — रहेगा।
ये नियुक्तियाँ किसने और किस आधार पर कीं?
राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई वाली राज्य सरकार से परामर्श के बाद ये नियुक्तियाँ कीं। आदेश गुरुवार देर रात राज्यपाल सचिवालय से जारी किए गए।
नई नियुक्तियाँ कब से प्रभावी होंगी?
ये नियुक्तियाँ तब से प्रभावी मानी जाएंगी जब नए कुलपति औपचारिक रूप से अपना-अपना पद ग्रहण करेंगे। पदभार ग्रहण के बाद वे अपने विश्वविद्यालयों के एकेडमिक और प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले