10 जुलाई 2026
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राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के नए वीसी बने प्रो. शिवराज, राज्यपाल परनाइक ने रिसर्च उत्कृष्टता पर दिया जोर

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राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के नए वीसी बने प्रो. शिवराज, राज्यपाल परनाइक ने रिसर्च उत्कृष्टता पर दिया जोर

सारांश

उस्मानिया यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री विशेषज्ञ प्रो. शिवराज ने 9 जुलाई को राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के वीसी का पदभार संभाला। राज्यपाल परनाइक ने उनसे अरुणाचल की जैव-विविधता, परंपराओं और सामाजिक-आर्थिक विकास पर केंद्रित शोध को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

मुख्य बातें

शिवराज ने 9 जुलाई 2026 को राजीव गांधी यूनिवर्सिटी (आरजीयू) , ईटानगर के वाइस-चांसलर के रूप में पदभार ग्रहण किया।
वे इससे पूर्व उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद में केमिस्ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने राज्य की जैव-विविधता , पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास पर केंद्रित शोध को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
राज्यपाल ने खेल , वेलनेस , अनुशासन और इंटरडिसिप्लिनरी शोध सहयोग पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक में पूर्व प्रभारी वीसी प्रो.
एसके नायक और रजिस्ट्रार एनटी रिकम भी उपस्थित रहे।

उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद में केमिस्ट्री के वरिष्ठ एकेडमिशियन प्रोफेसर शिवराज ने 9 जुलाई 2026 को अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय राजीव गांधी यूनिवर्सिटी (आरजीयू), ईटानगर के वाइस-चांसलर के रूप में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उनकी नियुक्ति के साथ ही विश्वविद्यालय को एक अनुभवी शोध-केंद्रित नेतृत्व मिला है, जिससे पूर्वोत्तर की उच्च शिक्षा में नई संभावनाओं की उम्मीद जगी है।

राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट

पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रोफेसर शिवराज ने लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट की, जो विश्वविद्यालय के कुलाधिपति (चीफ रेक्टर) भी हैं। इस बैठक में पूर्व प्रभारी वाइस-चांसलर प्रो. एसके नायक और रजिस्ट्रार एनटी रिकम भी उपस्थित रहे।

राज्यपाल की प्राथमिकताएँ और निर्देश

राज्यपाल परनाइक ने नए वाइस-चांसलर को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में राजीव गांधी यूनिवर्सिटी उच्च शिक्षा, नवाचार और ज्ञान-सृजन के क्षेत्र में अपनी स्थिति और सुदृढ़ करेगी। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश की विशिष्ट अकादमिक और शोध संभावनाओं का उल्लेख करते हुए नए वीसी को राज्य की समृद्ध जैव-विविधता, स्थानीय परंपराओं, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास पर केंद्रित शोध को प्रोत्साहित करने की सलाह दी।

राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार का शोध न केवल अकादमिक प्रगति में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्र में टिकाऊ विकास और साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

खेल, अनुशासन और सामुदायिक जुड़ाव पर बल

लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने खेल गतिविधियों, वेलनेस पहलों, सामुदायिक संपर्क और विस्तार कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता रेखांकित की, ताकि छात्र जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज और राष्ट्र-निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें। उन्होंने व्यावसायिकता, अनुशासन, समयबद्धता और विद्वत्तापूर्ण कार्यों के प्रति समर्पण को संस्थान की पहचान बनाए रखने पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि फैकल्टी सदस्यों, प्रशासनिक कर्मचारियों, शोधकर्ताओं और छात्रों की सक्रिय भागीदारी से एक बौद्धिक रूप से प्रेरक माहौल तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग और शोध सहयोग को बढ़ावा देने का आग्रह किया, जिससे संस्थान की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान और मजबूत हो सके।

नए वीसी की प्रतिबद्धता

प्रोफेसर शिवराज ने कुलाधिपति को आश्वस्त किया कि वे अकादमिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने, सामाजिक रूप से प्रासंगिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने, संस्थागत प्रशासन में सुधार लाने और एक समावेशी एवं बौद्धिक रूप से जीवंत कैंपस संस्कृति विकसित करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय की मौजूदा उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए सभी हितधारकों के साथ मिलकर राजीव गांधी यूनिवर्सिटी को पूर्वोत्तर भारत में उच्च शिक्षा, नवाचार और सामाजिक जुड़ाव का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम करेंगे।

आगे की राह

गौरतलब है कि राजीव गांधी यूनिवर्सिटी पूर्वोत्तर भारत की उन केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है जहाँ जैव-विविधता और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर शोध की असीम संभावनाएँ हैं। नए वाइस-चांसलर के नेतृत्व में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय इन संभावनाओं को किस प्रकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों से जोड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि इन निर्देशों को बजटीय आवंटन और संस्थागत ढाँचे का समर्थन मिलता है या नहीं। पूर्वोत्तर के विश्वविद्यालयों में फैकल्टी की कमी और बुनियादी ढाँचे की चुनौतियाँ पुरानी हैं — नए वीसी का रसायन विज्ञान में विशेषज्ञता का अनुभव बहुविषयक शोध एजेंडे को गति देने में कितना कारगर होगा, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव गांधी यूनिवर्सिटी के नए वाइस-चांसलर कौन हैं?
प्रोफेसर शिवराज राजीव गांधी यूनिवर्सिटी (आरजीयू), ईटानगर के नए वाइस-चांसलर हैं। वे हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में केमिस्ट्री के सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं और उन्होंने 9 जुलाई 2026 को पदभार ग्रहण किया।
राजीव गांधी यूनिवर्सिटी कहाँ स्थित है और यह किस प्रकार की संस्था है?
राजीव गांधी यूनिवर्सिटी अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में स्थित एक प्रमुख केंद्रीय विश्वविद्यालय है। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल इसके कुलाधिपति (चीफ रेक्टर) होते हैं।
राज्यपाल परनाइक ने नए वीसी को किस प्रकार के शोध पर ध्यान देने की सलाह दी?
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने नए वाइस-चांसलर को राज्य की जैव-विविधता, स्थानीय परंपराओं, प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास पर केंद्रित शोध को प्रोत्साहित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि ऐसा शोध टिकाऊ विकास और साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण में सहायक होगा।
नए वाइस-चांसलर ने अपनी प्राथमिकताओं के बारे में क्या कहा?
प्रोफेसर शिवराज ने अकादमिक उत्कृष्टता को सुदृढ़ करने, सामाजिक रूप से प्रासंगिक अनुसंधान को बढ़ावा देने, संस्थागत प्रशासन में सुधार लाने और एक समावेशी एवं बौद्धिक रूप से जीवंत कैंपस संस्कृति विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने राजीव गांधी यूनिवर्सिटी को पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा।
पदभार ग्रहण के दौरान बैठक में और कौन उपस्थित थे?
लोक भवन में हुई इस बैठक में पूर्व प्रभारी वाइस-चांसलर प्रो. एसके नायक और रजिस्ट्रार एनटी रिकम उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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