12 जुलाई 2026
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अरुणाचल की महिलाएं सामाजिक-आर्थिक विकास की धुरी: राज्यपाल केटी परनाइक की NCW अध्यक्ष के साथ बैठक

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अरुणाचल की महिलाएं सामाजिक-आर्थिक विकास की धुरी: राज्यपाल केटी परनाइक की NCW अध्यक्ष के साथ बैठक

सारांश

राज्यपाल केटी परनाइक और NCW अध्यक्ष विजया राहटकर की ईटानगर बैठक में अरुणाचल की महिलाओं की कृषि, उद्यमिता, SHG और सांस्कृतिक संरक्षण में भूमिका केंद्र में रही। 29 मई की 'जन सुनवाई' पहल महिलाओं को सीधे अधिकार-मंच देने की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

राज्यपाल केटी परनाइक ने 27 मई 2026 को ईटानगर के लोक भवन में NCW अध्यक्ष विजया राहटकर से मुलाकात की।
बैठक में महिला सुरक्षा, कल्याण, सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास के मुद्दों पर चर्चा हुई।
राज्यपाल ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की ग्रामीण आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता में परिवर्तनकारी भूमिका की सराहना की।
अरुणाचल की महिलाएं नशा विरोधी अभियान, स्वच्छता और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय हैं।
29 मई को ईटानगर में 'जन सुनवाई — NCW आपके द्वार' कार्यक्रम आयोजित होगा।
बैठक में अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष यालेम तागा बुरांग भी उपस्थित रहीं।

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल केटी परनाइक ने 27 मई 2026 को ईटानगर स्थित लोक भवन में कहा कि राज्य की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और सामुदायिक विकास में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। यह बैठक राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया राहटकर के साथ आयोजित हुई, जिसमें महिला सुरक्षा, सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

महिलाओं की बहुआयामी भूमिका

राज्यपाल परनाइक ने कहा कि अरुणाचल की महिलाएं कृषि, उद्यमिता, प्रशासन और सामाजिक अभियानों जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अपरिहार्य है।

विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) की भूमिका को रेखांकित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ये समूह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका सुधारने, आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहे हैं।

सामाजिक अभियानों में अग्रणी भागीदारी

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि अरुणाचल की महिलाएं नशा विरोधी अभियानों, स्वच्छता अभियान तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। यह भागीदारी दर्शाती है कि महिलाएं केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि सामुदायिक नेतृत्व में भी अग्रणी हैं।

राज्यपाल ने कहा कि राज्य की विभिन्न जनजातीय समुदायों में महिलाएं लंबे समय से पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की संरक्षक रही हैं। साथ ही पारंपरिक हथकरघा, वस्त्र कला और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में भी उनकी भूमिका अतुलनीय है।

NCW की 'जन सुनवाई' पहल की सराहना

राज्यपाल परनाइक ने 29 मई को ईटानगर में आयोजित होने वाले 'जन सुनवाई — राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार' कार्यक्रम की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे रखने, सहायता प्राप्त करने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।

बैठक में अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष यालेम तागा बुरांग भी उपस्थित रहीं, जो राज्य स्तर पर महिला अधिकारों के लिए नीतिगत समन्वय में सक्रिय हैं।

विकास का सीधा संबंध महिला सशक्तिकरण से

राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अरुणाचल प्रदेश की प्रगति महिलाओं के सशक्तिकरण से सीधे जुड़ी हुई है। शिक्षा, प्रशासन, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी से ही राज्य को प्रगतिशील, समावेशी और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में महिला नेतृत्व और ग्रामीण उद्यमिता को नीतिगत प्राथमिकता दी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी नीतिगत इरादे से आगे की है — अरुणाचल में महिला साक्षरता दर और SHG की पहुँच अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है। 'जन सुनवाई' जैसी पहलें तभी सार्थक होती हैं जब शिकायत निवारण का ठोस तंत्र उनके साथ हो, न कि केवल मंच। पूर्वोत्तर की जनजातीय महिलाओं को भूमि अधिकार और विरासत कानूनों में भी संरक्षण की ज़रूरत है, जो इस बैठक के एजेंडे में दिखाई नहीं दिया। महिला सशक्तिकरण की यह चर्चा तब और विश्वसनीय होगी जब राज्य विधानसभा और पंचायतों में महिला प्रतिनिधित्व के ठोस आँकड़े सामने आएं।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राज्यपाल केटी परनाइक और NCW अध्यक्ष की बैठक में क्या हुआ?
27 मई 2026 को ईटानगर के लोक भवन में राज्यपाल केटी परनाइक और NCW अध्यक्ष विजया राहटकर के बीच बैठक हुई, जिसमें अरुणाचल की महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक भूमिका, सुरक्षा, कल्याण और सशक्तिकरण के मुद्दों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने महिला SHG और सांस्कृतिक संरक्षण में महिलाओं के योगदान की विशेष सराहना की।
'जन सुनवाई — NCW आपके द्वार' कार्यक्रम क्या है और कब होगा?
यह राष्ट्रीय महिला आयोग की एक विशेष पहल है, जो 29 मई को ईटानगर में आयोजित होगी। इस कार्यक्रम में महिलाएं अपनी समस्याएं सीधे आयोग के समक्ष रख सकती हैं, सहायता प्राप्त कर सकती हैं और अपने अधिकारों के बारे में जागरूक हो सकती हैं।
अरुणाचल प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूह क्या भूमिका निभा रहे हैं?
राज्यपाल परनाइक के अनुसार, महिला SHG ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका सुधारने, आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने और सामाजिक ढाँचे को मजबूत करने में परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहे हैं। ये समूह विशेष रूप से दूरदराज के इलाकों में महिला उद्यमिता का आधार बन रहे हैं।
अरुणाचल की जनजातीय महिलाएं सांस्कृतिक विरासत में कैसे योगदान देती हैं?
राज्य की विभिन्न जनजातीय समुदायों में महिलाएं पारिवारिक मूल्यों, परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की संरक्षक रही हैं। पारंपरिक हथकरघा, वस्त्र कला और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने में उनकी भूमिका को राज्यपाल ने विशेष रूप से रेखांकित किया।
इस बैठक में और कौन उपस्थित थे?
बैठक में अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष यालेम तागा बुरांग भी मौजूद रहीं। उनकी उपस्थिति राज्य और राष्ट्रीय महिला आयोग के बीच नीतिगत समन्वय को दर्शाती है।
राष्ट्र प्रेस
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