NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर की पंजाब राज्यपाल कटारिया से भेंट, महिला नशामुक्ति पर हुई अहम चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने मंगलवार, 16 जून को पंजाब लोक भवन, चंडीगढ़ में पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा और लड़कियों तथा महिलाओं में बढ़ती नशाखोरी की समस्या पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य चर्चा बिंदु
बैठक में महिला कल्याण और लैंगिक समानता से जुड़े कई विषयों पर संवाद हुआ। विशेष रूप से युवा लड़कियों एवं महिलाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को एक उभरती सामाजिक चुनौती के रूप में रेखांकित किया गया। दोनों गणमान्य व्यक्तियों ने इस समस्या से निपटने के लिए लक्षित एवं प्रभावी हस्तक्षेपों की आवश्यकता पर एकमत होकर चर्चा की।
जागरूकता और पुनर्वास पर जोर
बैठक में जागरूकता अभियानों, निवारक उपायों, परामर्श सेवाओं और पुनर्वास सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। यह भी रेखांकित किया गया कि नशे की लत से प्रभावित महिलाओं और लड़कियों को समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापित करने के लिए सरकारी एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और सामुदायिक हितधारकों के बीच समन्वित प्रयास अनिवार्य हैं।
माताओं की भूमिका पर विशेष चर्चा
इस बैठक का एक महत्वपूर्ण पहलू नशे की रोकथाम में माताओं और परिवार की महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित रहा। इस बात पर सहमति बनी कि माताएं प्रायः बच्चों के व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों को सबसे पहले भाँप लेती हैं और समय रहते मार्गदर्शन तथा सकारात्मक पारिवारिक वातावरण के ज़रिए नशे की प्रवृत्ति को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। माताओं को जागरूकता एवं सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।
राज्यपाल कटारिया की प्रतिक्रिया
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने में राष्ट्रीय महिला आयोग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा लड़कियों एवं महिलाओं को नशे की समस्या से बचाना और उनके लिए प्रभावी पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित करना समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए। कटारिया ने माताओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में 'सामाजिक परिवर्तन की सशक्त प्रेरक शक्ति' बताया।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से एक गंभीर सामाजिक संकट बनी हुई है और महिलाओं व लड़कियों पर इसके बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता गहराती जा रही है। NCW और राज्य प्रशासन के बीच इस तरह के संवाद से नीतिगत हस्तक्षेपों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।