जम्मू-कश्मीर LG मनोज सिन्हा का संदेश: 'हर लड़की के सपने कीमती, आवाज़ दमदार और भविष्य असीमित'
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार, 6 जुलाई को श्रीनगर में एक महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे एक ऐसे जम्मू-कश्मीर की कल्पना करते हैं जहाँ हर लड़की यह विश्वास लेकर बड़ी हो कि उसके सपने कीमती हैं, उसकी आवाज़ दमदार है और उसके भविष्य में असीम संभावनाएँ हैं। उन्होंने महिला नेतृत्व को केंद्रशासित प्रदेश की प्रगति की धुरी बताया।
नारी शक्ति: बदलाव का प्रतीक
उप-राज्यपाल सिन्हा ने कार्यक्रम में उपस्थित फेलो को जम्मू-कश्मीर में जारी सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह बदलाव आत्मविश्वास, समान अवसरों और सभी के लिए सम्मान पर आधारित भविष्य की नींव रख रहा है।
उन्होंने महिला संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन संगठनों ने एक ऐसा सशक्त मंच तैयार किया है जिससे क्षेत्र की 'नारी शक्ति' आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा, विचारों और पहचान को अपना सके और जम्मू-कश्मीर के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा सके।
ऐतिहासिक विरासत और प्रेरणा
सिन्हा ने रानी दिद्दा, कोटा रानी, लल डेड, हब्बा खातून और माता रूपा भवानी जैसी ऐतिहासिक विभूतियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना को गढ़ा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की महिलाओं ने सदैव 'नारी शक्ति' की ऊँचाइयों को छुआ है।
उन्होंने गहराई से जमे रूढ़िवादी विचारों को चुनौती देने वाले प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा, "इन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया रास्ता बनाया है और इनका योगदान आने वाले कई सालों तक प्रेरणा, आत्मविश्वास और मार्गदर्शन का आधार बनेगा।"
सरकार की प्रतिबद्धता और PM मोदी को आभार
उप-राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर की महिलाओं को उनके उचित अधिकार देकर और भेदभाव समाप्त करके सशक्त बनाने का कार्य किया है।
सिन्हा ने महिला नेतृत्व में एक प्रगतिशील दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा, "महिला सशक्तीकरण एक विकसित जम्मू-कश्मीर की कुंजी है — उनकी प्रगति समाज की प्रगति सुनिश्चित करती है।" उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, उद्योग, सामाजिक संगठनों, शासन, उद्यमिता और कला-साहित्य में नेतृत्वकारी भूमिका की कामना की।
नशे की चुनौती और पुनर्वास का आह्वान
उप-राज्यपाल ने महिलाओं में नशीले पदार्थों के सेवन की बढ़ती समस्या को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने फेलो से आग्रह किया कि वे इसके मूल कारणों की पहचान के लिए क्षेत्र-विशेष के आधार पर विस्तृत विश्लेषण करें।
उन्होंने कहा कि यह अध्ययन पुनर्वास के ढाँचे को मज़बूत करेगा और नशे की लत से पीड़ित महिलाओं को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि महिला संगठनों के सदस्यों की लगन आने वाले वर्षों में अनगिनत महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।