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नॉर्वेजियन सागर में रूसी 'बेयर-एफ' विमान की संदिग्ध गतिविधि, ब्रिटिश एफ-35 ने किया इंटरसेप्ट

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नॉर्वेजियन सागर में रूसी 'बेयर-एफ' विमान की संदिग्ध गतिविधि, ब्रिटिश एफ-35 ने किया इंटरसेप्ट

सारांश

नॉर्वेजियन सागर में रूसी 'बेयर-एफ' विमान ने HMS प्रिंस ऑफ वेल्स के पास बार-बार उड़ान भरी और सोनोबॉय गिराए — ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने इसे 'असुरक्षित और अनुशासनहीन' बताया। यह पहली बार है जब एफ-35 ने इस जहाज से नाटो एयर पुलिसिंग मिशन में हिस्सा लिया।

मुख्य बातें

2 जुलाई 2026 को नॉर्वेजियन सागर में रूसी 'बेयर-एफ' विमान ने एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के बेहद करीब बार-बार उड़ान भरी।
रूसी विमान ने आसपास कई सोनोबॉय गिराए और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा रेडियो फ्रीक्वेंसी पर कोई जवाब नहीं दिया।
एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स से संचालित दो एफ-35 लड़ाकू विमानों ने रूसी विमान को इंटरसेप्ट कर क्षेत्र से बाहर किया।
यह पहला मौका है जब एफ-35 विमानों ने इस जहाज से नाटो एयर पुलिसिंग मिशन में भाग लिया।
डिफेंस सेक्रेटरी डैन जार्विस ने आइसलैंड की विदेश मंत्री के साथ जहाज पर तैनात सैनिकों से मुलाकात की।
रूस की ओर से इस घटना पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने 6 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि 2 जुलाई को नॉर्वेजियन सागर में एक रूसी 'बेयर-एफ' समुद्री गश्ती विमान ने ब्रिटिश विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के बेहद करीब बार-बार उड़ान भरी, जिसके बाद एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स से संचालित दो एफ-35 लड़ाकू विमानों ने उसे इंटरसेप्ट कर उस क्षेत्र से बाहर खदेड़ा। मंत्रालय ने इस व्यवहार को 'असुरक्षित और अनुशासनहीन' करार दिया।

घटनाक्रम: क्या हुआ 2 जुलाई को

ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 'ऑपरेशन फायरक्रेस्ट' के तहत हाई नॉर्थ क्षेत्र में तैनात था। रूसी विमान ने न केवल एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के अत्यंत निकट उड़ान भरी, बल्कि आसपास कई सोनोबॉय भी गिराए।

सोनोबॉय ऐसे उपकरण होते हैं जिन्हें पानी में गिराकर पनडुब्बियों और पानी के भीतर की अन्य गतिविधियों का पता लगाने तथा उन्हें ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अतिरिक्त, रूसी विमान ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा रेडियो फ्रीक्वेंसी पर भी कोई जवाब नहीं दिया।

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय की प्रतिक्रिया

मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'नॉर्थ अटलांटिक में ऑपरेशन फायरक्रेस्ट के दौरान, यूके कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के पास बार-बार एक रूसी बयेर-एफ समुद्री गश्ती विमान आया। उसने एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के बहुत करीब उड़ान भरी, आसपास कई सोनोबॉय गिराए, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फ्रीक्वेंसी पर जवाब नहीं दिया। यह व्यवहार असुरक्षित और अनुशासनहीन था।'

डिफेंस सेक्रेटरी डैन जार्विस ने आइसलैंड की विदेश मंत्री थोरगेरदुर कैटरीन गुन्नार्सडॉटिर के साथ मिलकर जहाज पर तैनात ब्रिटिश सैनिकों से मुलाकात की। एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स इस समय नाटो कमांड के तहत आइसलैंड के निकट तैनात है।

नाटो मिशन में ऐतिहासिक भागीदारी

उल्लेखनीय है कि यह पहली बार है जब एफ-35 लड़ाकू विमानों ने एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स से नाटो एयर पुलिसिंग मिशन में हिस्सा लिया है। ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर आर्कटिक और नॉर्थ अटलांटिक की सुरक्षा पर केंद्रित है। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में रूस की सैन्य गतिविधियों को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं।

रूस की प्रतिक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना पर रूस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गौरतलब है कि इस प्रकार की इंटरसेप्शन घटनाएँ हाल के वर्षों में उत्तरी यूरोप और आर्कटिक क्षेत्र में नाटो-रूस तनाव का एक नियमित हिस्सा बनती जा रही हैं।

ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप हाई नॉर्थ में अपना अभियान जारी रखे हुए है और नाटो सहयोगियों के साथ समन्वय बनाए हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि रूस ब्रिटिश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की पनडुब्बी सुरक्षा परत को समझने की कोशिश कर रहा था। यह ऐसे समय में आया है जब नाटो आर्कटिक में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है और ब्रिटेन पहली बार एफ-35 को इस जहाज से नाटो मिशन में उतार रहा है। रूस की चुप्पी — कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं — खुद एक कूटनीतिक संदेश है। मुख्यधारा की कवरेज तकनीकी ब्यौरे पर टिकी है, लेकिन असली सवाल यह है कि आर्कटिक में बढ़ते नाटो-रूस टकराव के बीच ऐसी घटनाएँ किसी बड़े भड़काव की ओर कदम बढ़ा रही हैं या नहीं।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्वेजियन सागर में रूसी 'बेयर-एफ' विमान ने क्या किया?
रूसी 'बेयर-एफ' समुद्री गश्ती विमान ने 2 जुलाई को एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स के बेहद करीब बार-बार उड़ान भरी, आसपास कई सोनोबॉय गिराए और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा रेडियो फ्रीक्वेंसी पर कोई जवाब नहीं दिया। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने इसे असुरक्षित और अनुशासनहीन व्यवहार बताया।
सोनोबॉय क्या होते हैं और इनका क्या महत्व है?
सोनोबॉय ऐसे उपकरण होते हैं जिन्हें पानी में गिराकर पनडुब्बियों और पानी के भीतर की गतिविधियों का पता लगाया और उन्हें ट्रैक किया जाता है। रूसी विमान द्वारा ब्रिटिश कैरियर के पास सोनोबॉय गिराना यह संकेत देता है कि वह ब्रिटिश नौसैनिक समूह की पनडुब्बी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा था।
ब्रिटिश एफ-35 विमानों ने रूसी विमान को कैसे रोका?
एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स से संचालित दो एफ-35 लड़ाकू विमानों ने रूसी विमान को इंटरसेप्ट किया और तब तक उसके साथ रहे जब तक वह उस क्षेत्र से बाहर नहीं निकल गया। यह पहली बार है जब एफ-35 ने इस जहाज से नाटो एयर पुलिसिंग मिशन में भाग लिया।
ऑपरेशन फायरक्रेस्ट क्या है?
ऑपरेशन फायरक्रेस्ट ब्रिटेन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का नाटो सहयोगियों के साथ हाई नॉर्थ क्षेत्र में संचालित अभियान है, जो आर्कटिक और नॉर्थ अटलांटिक की सुरक्षा पर केंद्रित है। इस अभियान के दौरान एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स नाटो कमांड के तहत आइसलैंड के निकट तैनात है।
रूस ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना पर रूस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने 6 जुलाई को इस घटना की जानकारी सार्वजनिक की।
राष्ट्र प्रेस
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