क्या पोलैंड ने अपने हवाई क्षेत्र में कुछ ड्रोन मार गिराए? यूक्रेनी राष्ट्रपति का आरोप- रूस ने जानबूझकर सीमा पार की
सारांश
मुख्य बातें
वारसॉ/कीव, 10 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। पोलैंड ने बुधवार को यह दावा किया कि उसने यूक्रेन पर रूसी हमले के दौरान अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली कुछ ‘आक्रामक वस्तुओं’ को मार गिराया। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट में कहा कि रूस ने जानबूझकर यह कदम उठाया।
पोलैंड के अनुसार, इस कार्रवाई को उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अंजाम दिया।
रक्षा मंत्री व्लादिस्लाव कोसिनियाक-कामिज ने सोशल मीडिया पर कहा, "विमानों ने होस्टाइल ऑब्जेक्ट्स के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल किया है।" उन्होंने आगे बताया, "हम नाटो कमांड के साथ लगातार संपर्क में हैं।"
यह घुसपैठ ऐसे समय में हुई है जब रूस ने यूक्रेन में, पोलैंड की सीमा से लगभग 50 मील (80 किलोमीटर) दूर, पश्चिमी शहर ल्वीव समेत कई जगहों पर हमले किए हैं।
साढ़े तीन साल के युद्ध के दौरान, रूसी ड्रोन और मिसाइलें कई बार पोलैंड सहित नाटो सदस्यों के हवाई क्षेत्र में घुसी हैं, लेकिन किसी भी नाटो देश ने उन्हें मार गिराने का प्रयास नहीं किया है।
पोलैंड की सेना की ऑपरेशनल कमांड ने हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की निंदा करते हुए कहा कि उसने लगभग एक दर्जन ड्रोन जैसी वस्तुएं देखीं और उनमें से कुछ को मार गिराया।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स पोस्ट में कहा, "पोलिश क्षेत्र में रूसी हमलावर ड्रोनों की घुसपैठ के बारे में और जानकारी मिल रही है। अब तक, लगभग 8 ड्रोनों के बारे में जानकारी मिली है। बढ़ते प्रमाण बताते हैं कि यह गतिविधि, हमले की यह दिशा, कोई दुर्घटना नहीं थी। पहले भी कुछ रूसी ड्रोनों द्वारा सीमा पार करने की घटनाएं हुई हैं, लेकिन इस बार, यह कहीं अधिक बड़े पैमाने पर और जानबूझकर किया गया है।"
जेलेंस्की ने अपनी ओर से हर संभव मदद की पेशकश करते हुए कहा, "यूक्रेन इस रूसी हमले के संबंध में पोलैंड को सभी आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। यूक्रेन ऐसे रूसी खतरों के विरुद्ध चेतावनी और सुरक्षा की एक प्रभावी प्रणाली बनाने में पोलैंड की मदद करने के लिए भी तैयार है। यह स्पष्ट है कि रूसी आक्रमण हमारे क्षेत्र के प्रत्येक स्वतंत्र राष्ट्र के लिए खतरा है, और इसलिए केवल संयुक्त और समन्वित कार्रवाई ही सुरक्षा की गारंटी दे सकती है।"
उन्होंने एक बार फिर यूरोप से मिलकर रूस के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा, "रूस को यह महसूस करना चाहिए कि इस आक्रामक कदम का सभी साझेदारों की ओर से स्पष्ट और कड़ा जवाब होगा।"