जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने युवाओं को नशे से बचाने की साजिश को नाकाम करने का किया आह्वान
सारांश
Key Takeaways
- नशा मुक्त भारत अभियान की शुरुआत 2020 में हुई थी।
- 11 अप्रैल को विशेष कार्यक्रम का आयोजन होगा।
- युवाओं को नशे से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होना होगा।
- पुलिस और सुरक्षा बल सक्रिय कार्रवाई कर रहे हैं।
- 100 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
श्रीनगर, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को यह स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों के माध्यम से युवाओं को बर्बाद करने की साजिश को हर कीमत पर नाकाम करना आवश्यक है।
उन्होंने प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे के खिलाफ सभी नागरिकों को एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं को जानबूझकर लक्ष्य बनाया जा रहा है, इसलिए उनके भविष्य की रक्षा के लिए समाज के हर वर्ग को एक साथ मिलकर काम करना होगा।
एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर इस समय एक संवेदनशील चरण से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि एक साजिश के तहत युवाओं को नशे की लत में धकेलकर उनके भविष्य को खराब करने की कोशिश की जा रही है।
उपराज्यपाल ने बताया कि साल 2020 में 'नशा मुक्त भारत अभियान' की शुरुआत की गई थी और तब से इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जम्मू-कश्मीर को नशे से पूर्ण रूप से मुक्त किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले साल 2025 में भी इस दिशा में एक बड़ा अभियान चलाया गया था। पुलिस और सुरक्षा बल इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद नशे का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
इस लड़ाई को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए अब एक नई योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत 100 दिनों का विशेष अभियान चलाया जाएगा। 11 अप्रैल को जम्मू के एमए स्टेडियम में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे, जैसे नागरिक समाज के सदस्य, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, शिक्षक, खिलाड़ी और समाजसेवी।
उपराज्यपाल ने सभी नागरिकों से इस अभियान में भाग लेने और नशे के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि उस दिन नशे के खिलाफ एक संकल्प लिया जाएगा और बड़े पैमाने पर एक अभियान शुरू किया जाएगा।
उन्होंने सभी से इस अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के सभी युवाओं के भविष्य से संबंधित है। उन्होंने कहा कि हर दिन ऐसी दुखद घटनाएं सामने आ रही हैं जो दिल को दुखी करती हैं।
उन्होंने सभी से विनम्रता से अनुरोध किया कि वे इस अभियान को अपना समझें और इसमें सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर को नशामुक्त बनाने और नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का एक महत्वपूर्ण मिशन है।
उपराज्यपाल ने आगे बताया कि इस अभियान को सभी विभागों, पुलिस और सुरक्षा बलों के सहयोग से चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी लोगों को जोड़ने के लिए हर जिले का दौरा करने का प्रयास करेंगे। एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और इसे सफल बनाने में सहयोग करें।