22 अगस्त 2026
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एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने छत्रपति संभाजीनगर में महिला सशक्तिकरण और साइबर अपराध रोकथाम पर पुलिस को किया प्रशिक्षित

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एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने छत्रपति संभाजीनगर में महिला सशक्तिकरण और साइबर अपराध रोकथाम पर पुलिस को किया प्रशिक्षित

सारांश

एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र पुलिस को महिला सशक्तिकरण और साइबर अपराध रोकथाम पर प्रशिक्षित किया। 'नारी हुंकार' काव्यसंध्या के ज़रिये सशक्तिकरण का संदेश काव्य की भाषा में दिया गया — एक पहल जो पुलिस बल को संवेदनशील और सक्षम दोनों बनाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने 22 अगस्त 2026 को छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र पुलिस के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का नेतृत्व किया।
कार्यक्रम महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग और यशोदा एआई के सहयोग से आयोजित हुआ।
' नारी हुंकार ' काव्यसंध्या में कविता तिवारी, सोनल जैन, दीपा सैनी और सरिता जैन ने कविता पाठ किया।
रहाटकर ने कहा कि शब्दों में समाज बदलने की शक्ति है और कविता सकारात्मक बदलाव का माध्यम है।
रहाटकर ने एक्स पर विवाह और रिश्तों में संवाद की अहमियत पर भी विचार साझा किए।

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने 22 अगस्त 2026 को छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र पुलिस अधिकारियों के लिए आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी पुलिसिंग पर केंद्रित चर्चा का नेतृत्व किया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग और यशोदा एआई के सहयोग से आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य

रहाटकर की दो दिवसीय यात्रा के दौरान 'शक्ति और सुरक्षा' नामक क्षमता निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों को महिला-केंद्रित अपराधों और डिजिटल उत्पीड़न से निपटने के तरीकों पर प्रशिक्षित किया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस बल को संवेदनशील और सक्षम बनाना है ताकि वे महिलाओं से जुड़े मामलों को अधिक कुशलता से संभाल सकें।

'नारी हुंकार' काव्यसंध्या — सशक्तिकरण का काव्यात्मक संदेश

कार्यक्रम के एक विशेष सत्र में 'नारी हुंकार' काव्यसंध्या का आयोजन किया गया, जिसमें देश की प्रसिद्ध कवयित्रियों — कविता तिवारी, सोनल जैन, दीपा सैनी और सरिता जैन — ने अपनी ओजस्वी कविताओं से वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। एनसीडब्ल्यू द्वारा जारी बयान के अनुसार, तीव्र विचारों, सशक्त शब्दों, संवेदनशील भावनाओं और हास्य के विविध रंगों से सजे इस आयोजन ने पूरे परिवेश को काव्य की दुनिया में रूपांतरित कर दिया।

रहाटकर के मुख्य वक्तव्य

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए विजया रहाटकर ने कहा कि 'नारी हुंकार' कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण, सम्मान और समानता का संदेश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचाने की एक सशक्त पहल है। उन्होंने कहा, 'शब्दों में समाज को बदलने की शक्ति होती है। कविता केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं है — यह विचारों को हर व्यक्ति तक पहुँचाने, संवेदनशीलता को आवाज़ देने और सकारात्मक बदलाव की चेतना को जगाने का एक शक्तिशाली माध्यम है।'

सोशल मीडिया पर विवाह और रिश्तों पर विचार

इसी दौरान रहाटकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर विवाह संस्था को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा कि 'विवाह पूर्णता का नाम नहीं, बल्कि धैर्य का नाम है। विवाह केवल एक छत के नीचे साथ रहना नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को समझना और जीवन के हर पड़ाव पर साथ चलना है। जब विवाह से पहले ही संवाद शुरू हो जाता है, तो रिश्तों का यह सफर और भी आसान और मज़बूत हो जाता है।' उन्होंने महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

आगे की दिशा

यह कार्यक्रम उस व्यापक प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत एनसीडब्ल्यू राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करना चाहती है। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस की क्षमता को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप ढालने में अहम भूमिका निभाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि एकल कार्यक्रम तब तक पर्याप्त नहीं होते जब तक उन्हें नियमित प्रशिक्षण चक्र और जवाबदेही तंत्र से नहीं जोड़ा जाता। 'नारी हुंकार' जैसे काव्य आयोजनों की प्रतीकात्मक शक्ति से इनकार नहीं, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि प्रशिक्षित अधिकारी महिला शिकायतों पर ज़मीनी स्तर पर कितनी तेज़ी और संवेदनशीलता से कार्रवाई करते हैं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीडब्ल्यू का 'शक्ति और सुरक्षा' क्षमता निर्माण कार्यक्रम क्या है?
यह राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग और यशोदा एआई के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें महाराष्ट्र पुलिस अधिकारियों को महिला सशक्तिकरण और साइबर अपराध रोकथाम पर प्रशिक्षित किया जाता है। इसका उद्देश्य पुलिस बल को महिला-केंद्रित मामलों में अधिक संवेदनशील और सक्षम बनाना है।
'नारी हुंकार' काव्यसंध्या क्या थी?
'नारी हुंकार' इस क्षमता निर्माण कार्यक्रम का एक विशेष काव्य सत्र था, जिसमें कविता तिवारी, सोनल जैन, दीपा सैनी और सरिता जैन जैसी प्रसिद्ध कवयित्रियों ने अपनी कविताओं से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। एनसीडब्ल्यू के अनुसार इस आयोजन ने सशक्त शब्दों और संवेदनशील भावनाओं से पूरे वातावरण को काव्यमय बना दिया।
विजया रहाटकर ने साइबर अपराध पर क्या कहा?
रहाटकर ने महाराष्ट्र पुलिस अधिकारियों के साथ साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी पुलिसिंग पर चर्चा का नेतृत्व किया। उन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण, सम्मान और समानता का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम बताया।
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ने एक्स पर विवाह के बारे में क्या लिखा?
रहाटकर ने एक्स पर लिखा कि विवाह पूर्णता का नहीं, बल्कि धैर्य का नाम है और यह एक-दूसरे को समझकर जीवन के हर पड़ाव पर साथ चलने का संकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह से पहले संवाद शुरू होने पर रिश्ते अधिक मज़बूत बनते हैं।
यह कार्यक्रम महाराष्ट्र पुलिस के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
राज्य में महिलाओं के विरुद्ध साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि के मद्देनज़र पुलिस अधिकारियों का संवेदनशीलता और तकनीकी प्रशिक्षण ज़रूरी हो गया है। यह कार्यक्रम पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की एनसीडब्ल्यू की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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