युवाओं की शक्ति: प्रगतिशील समाज की नींव, अरुणाचल के राज्यपाल की बात
सारांश
Key Takeaways
- युवाओं की शिक्षा और संवाद कौशल महत्वपूर्ण हैं।
- राज्यपाल ने स्वतंत्रता और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का सुझाव दिया।
- कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिक जागरूकता को विकसित करना है।
- अंग्रेजी भाषा में दक्षता को बढ़ावा देना आवश्यक है।
- सार्वजनिक भाषण कौशल के विकास पर जोर दिया गया।
ईटानगर, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनायक (सेवानिवृत्त) ने सोमवार को कहा कि शिक्षित, अनुशासित, प्रेरित और प्रभावी संवाद स्थापित करने वाले युवा ही एक प्रगतिशील समाज की असली शक्ति होते हैं।
राज्यपाल ने ईटानगर में आयोजित ‘लेट्स स्पीक अरुणाचल’ कार्यक्रम में युवा समुदाय के साथ संवाद करते हुए आत्मविश्वास, अनुशासन और अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये गुण जिम्मेदार नागरिकों और भविष्य के नेतृत्व को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह कार्यक्रम ‘लेट्स स्पीक अरुणाचल’ और राज्यपाल सचिवालय के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य छात्रों को झिझक दूर कर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करना है।
राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था राज्यभर में वर्कशॉप आयोजित कर युवाओं में नागरिक जागरूकता और प्रभावी संवाद की संस्कृति विकसित कर रही है।
उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को सार्वजनिक भाषण कौशल विकसित करने में सक्रिय रूप से सहायता करें। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास, सही मार्गदर्शन और घर एवं स्कूल में प्रोत्साहन से बच्चों की संचार क्षमता में सुधार हो सकता है।
राज्यपाल ने अंग्रेजी भाषा में दक्षता को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज के वैश्विक दौर में बेहतर करियर और प्रभावी संवाद के लिए यह एक आवश्यक साधन है।
युवा सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने घोषणा की कि राज्यपाल सचिवालय लोक भवन में ‘डिबेट डिक्लेमेशन’ प्रतियोगिता का आयोजन करेगा, ताकि छात्रों को अपनी वक्तृत्व कला निखारने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे कार्यक्रम स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने उन छात्रों और व्यक्तियों को सम्मानित किया, जिन्होंने सार्वजनिक भाषण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर छात्रों को अपने अनुभव साझा करने का भी मौका मिला, जिसमें उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से उनका स्टेज डर कम हुआ और आत्मविश्वास बढ़ा।
कार्यक्रम में ‘ज्ञान मिशन’ के छात्रों ने प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया।