अरुणाचल राज्यपाल परनाइक का युवाओं से आह्वान: सांस्कृतिक विरासत बचाएं, राष्ट्रीय एकता मज़बूत करें
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक (सेवानिवृत्त) ने 27 मई 2026 को ईटानगर के लोक भवन में आयोजित युवा संगम कार्यक्रम में युवाओं से स्वदेशी भाषाओं, पारंपरिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली अपनाने पर भी बल दिया।
युवा संगम कार्यक्रम का संदर्भ
यह कार्यक्रम केंद्र सरकार की 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' पहल के अंतर्गत आयोजित युवा संगम फेज-6 का हिस्सा था। नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (NERIST) इस फेज के लिए अरुणाचल प्रदेश का नोडल संस्थान है, जिसे भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), लखनऊ के साथ जोड़ा गया है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और NERIST के छात्र शामिल हुए।
राज्यपाल का युवाओं को संदेश
राज्यपाल परनाइक ने छात्रों से देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों से जुड़ने और सार्थक संवाद करने का आग्रह किया, ताकि एकता, आपसी सम्मान और राष्ट्रीय एकीकरण को बल मिले। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को भारत की विविधता को समझने और 'एकता' की भावना को सुदृढ़ करने में सहायक हैं।
उन्होंने युवाओं को शिक्षित, अनुशासित और आत्मप्रेरित बने रहने की सलाह दी तथा जिज्ञासु और खोजी प्रवृत्ति विकसित करने पर ज़ोर दिया। उनके अनुसार ये गुण सीखने, नवाचार और व्यक्तिगत विकास के लिए अनिवार्य हैं।
अरुणाचल की विकास यात्रा और संभावनाएं
उत्तर प्रदेश से आए छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने अरुणाचल प्रदेश के समृद्ध इतिहास और जीवंत संस्कृति से परिचित कराया। उन्होंने राज्य में जलविद्युत, बागवानी, पर्यटन और जैविक खेती की अपार संभावनाओं का उल्लेख किया, साथ ही सीमावर्ती राज्य की भौगोलिक और बुनियादी ढाँचे से जुड़ी चुनौतियों को भी स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग और राज्य के लोगों के दृढ़ संकल्प के कारण अरुणाचल प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्यपाल ने परशुराम कुंड को भारतीय आस्था और पौराणिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण तीर्थस्थल बताया और भीष्मकनगर तथा मालिनीथान की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
पूर्वोत्तर के प्रति समान सम्मान की अपील
राज्यपाल परनाइक ने स्पष्ट कहा कि पूर्वोत्तर के लोग भी देश के अन्य नागरिकों की तरह राष्ट्रभक्त, समर्पित और विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र ने देश की एकता, सुरक्षा, संस्कृति और विकास में सदैव योगदान दिया है, इसलिए इसे हर क्षेत्र में समान सम्मान, समझ और अवसर मिलने चाहिए।
उन्होंने युवाओं से राष्ट्रीय एकता के दूत बनने और आपसी संवाद, सहानुभूति तथा सम्मान के ज़रिए क्षेत्रीय भेदभाव व पूर्वाग्रहों को समाप्त करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश से आए छात्रों से उन्होंने अरुणाचल के लोगों की गर्मजोशी और आतिथ्य की स्मृतियाँ अपने साथ ले जाने का अनुरोध किया।