अरुणाचल के राज्यपाल केटी परनाइक ने जन्मदिन पर छात्रों को दिया सैनिक स्कूल कोचिंग का तोहफा
सारांश
मुख्य बातें
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने 28 जून 2026 को नाहरलगुन की पाचिन कॉलोनी स्थित आबोतानी विद्या निकेतन का दौरा कर वहाँ के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उन्होंने सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए भारतीय सेना की इकाइयों के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन की व्यवस्था करने की घोषणा की।
मुख्य घोषणाएँ
राज्यपाल परनाइक ने विद्यालय में एक उन्नत शिक्षण केंद्र (एडवांस्ड लर्निंग सेंटर) स्थापित करने और पुस्तकालय को नई पुस्तकें उपलब्ध कराकर समृद्ध बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने छात्रों को खेल सामग्री भेंट की और शारीरिक रूप से सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। गौरतलब है कि आबोतानी विद्या निकेतन का संचालन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के मार्गदर्शन में अरुणाचल शिक्षा विकास समिति द्वारा किया जाता है।
छात्रों को राज्यपाल का संदेश
छात्रों से सीधी बातचीत में लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए नए विचारों और नवाचारों को खुले मन से अपनाना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है। उन्होंने कहा, 'सच्ची सफलता केवल अकादमिक उत्कृष्टता से नहीं, बल्कि अच्छे चरित्र, ईमानदारी और जिम्मेदारी की भावना से मिलती है।'
उन्होंने छात्रों को लगातार सीखते रहने, जिज्ञासु बने रहने और आत्म-अनुशासन विकसित करने की सलाह दी। राज्यपाल ने यह भी कहा कि दया, करुणा और सेवा के छोटे-छोटे कार्य भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और पर्यावरण पहल
इस अवसर पर छात्रों ने अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को दर्शाते हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद योग प्रदर्शन भी किया गया, जिसने अनुशासन, संतुलन और स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित किया।
पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने शिक्षकों और छात्रों के साथ मिलकर पौधारोपण कार्यक्रम में भाग लिया और युवाओं से प्रकृति संरक्षण का आजीवन संकल्प लेने का आह्वान किया।
समग्र विकास पर जोर
राज्यपाल परनाइक ने छात्रों से अपने माता-पिता, शिक्षकों और सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करने को कहा। उन्होंने कहा कि मानसिक सजगता, शारीरिक दृढ़ता और नैतिक सुदृढ़ता — यही तीन गुण एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वस्थ, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक युवा ही देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
आगे की राह
सैनिक स्कूल कोचिंग और एडवांस्ड लर्निंग सेंटर की घोषणाएँ अरुणाचल प्रदेश के सुदूर और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही हैं। यह पहल ऐसे समय में आई है जब पूर्वोत्तर राज्यों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच को लेकर नीतिगत चर्चा जोर पकड़ रही है।