उत्तराखंड: CM धामी का कांग्रेस पर कड़ा हमला, BJP का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान 22 अक्टूबर से
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 19 अक्टूबर 2026 को देहरादून में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी चुनावी पराजय स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास का माहौल बना रही है। इसी के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों में दो चरणों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चलाएगी।
अभियान का ढाँचा और उद्देश्य
BJP के इस अभियान का प्रथम चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक और द्वितीय चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक संचालित होगा। इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में पदयात्राओं और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुँचाने का काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि जनता के निर्णय पर सवाल उठाने और हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने की राजनीति को अब तथ्यों के साथ जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।
मतदाता पंजीकरण विवाद पर धामी का स्पष्टीकरण
कांग्रेस द्वारा कथित तौर पर उनके मतदाता पंजीकरण को लेकर उठाए गए सवालों पर सीएम धामी ने विस्तृत जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मेरा जन्म पिथौरागढ़ में हुआ था। बाद में मैंने खटीमा क्षेत्र में पढ़ाई की और वहीं काम का विस्तार किया। फिलहाल मैं चंपावत निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हूँ।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका नाम देहरादून, पिथौरागढ़ और चंपावत — तीनों की मतदाता सूची में आ गया था, जिसे उन्होंने नियमानुसार दुरुस्त करवा लिया।
धामी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे किसी बेटी का विवाह देहरादून से सहारनपुर या किसी अन्य शहर में होने पर उसका मतदाता पंजीकरण नए पते से जुड़ता है, उसी प्रकार उनके मामले में भी कोई असामान्य बात नहीं थी।
कांग्रेस की चुनावी विफलताओं पर धामी का पलटवार
मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि कांग्रेस की हार किसी एक चुनाव आयुक्त या संस्था की वजह से नहीं, बल्कि वर्षों की जनविमुखता का परिणाम है। उन्होंने आँकड़े गिनाए — कांग्रेस का ओडिशा में 26 वर्ष, गुजरात में 41 वर्ष, उत्तर प्रदेश में 37 वर्ष, बिहार में 36 वर्ष, त्रिपुरा में 33 वर्ष, पश्चिम बंगाल में 49 वर्ष और तमिलनाडु में 59 वर्ष पहले सत्ता से पतन हो चुका है।
धामी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 2024 के बाद पद पर आए हैं, जबकि कांग्रेस की हारों का सिलसिला दशकों पुराना है। उनके अनुसार, 'इसका ठीकरा कांग्रेस किस पर फोड़ेगी?'
विपक्ष की भूमिका और संवैधानिक आचरण पर टिप्पणी
सीएम धामी ने स्वीकार किया कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकार की आलोचना उसका अधिकार है। हालाँकि उन्होंने कहा कि विरोध के नाम पर हिंसा, अराजकता और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।
उन्होंने कहा कि संविधान की प्रति लेकर चलना आसान है, लेकिन उसके अनुरूप आचरण करना सीखना भी ज़रूरी है। यह अभियान लोकतांत्रिक तरीके से हर ऐसी कोशिश का जवाब देगा जो अव्यवस्था फैलाने के उद्देश्य से की जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में BJP और कांग्रेस के बीच चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई है। उत्तराखंड में यह अभियान BJP की राज्य इकाई की संगठनात्मक गतिविधियों को भी धार देगा।