धामी ने कांग्रेस से माँगी माफी: उत्तराखंड निवासियों और NSA डोभाल पर टिप्पणी को बताया अस्वीकार्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1 नवंबर 2026 को देहरादून में राज्य कांग्रेस नेतृत्व से माँग की कि वह अपने वरिष्ठ सहयोगियों द्वारा उत्तराखंड के निवासियों और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के खिलाफ की गई टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगे। धामी ने विपक्ष पर देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
विवाद की जड़: अखिलेश यादव का बयान
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश में रह रहे उत्तराखंडवासियों के लिए कथित तौर पर 'घुसपैठिए' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। धामी ने कहा कि कांग्रेस अपनी इंडिया ब्लॉक साझेदारी को उत्तराखंड के लोगों की गरिमा से ऊपर रख रही है, जो सर्वथा अस्वीकार्य है।
इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस पर NSA अजीत डोभाल — जो स्वयं उत्तराखंड के ही मूल निवासी हैं — के बारे में 'गलत बातें' फैलाने का आरोप लगाया। धामी ने उत्तराखंड कांग्रेस से स्पष्ट रुख अपनाने को कहा।
मुख्यमंत्री की कांग्रेस पर कड़ी आलोचना
धामी ने यह बातें 'खेल महाकुंभ 2026' के समापन समारोह में कहीं। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, 'जिस पार्टी के नेताओं का इतिहास लोकतंत्र को कमजोर करने, देश में आपातकाल थोपने और समय-समय पर चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का रहा है, वह अब सत्ता से बाहर हो गई है।'
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देते हुए कहा, 'अटल जी कहते थे — जब कांग्रेस सत्ता में होती है तो देश की जनता के लिए खतरनाक होती है, और जब सत्ता में नहीं होती, तो पूरे देश के लिए खतरनाक होती है।'
रामलीला मैदान कार्यक्रम और व्यापारियों की अपील
धामी ने उन व्यापारियों की अपील का भी उल्लेख किया जिन्होंने कांग्रेस से रामलीला मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम को दिवाली और त्योहारी सीजन के बाद तक टालने का अनुरोध किया था। व्यापारियों का कहना था कि इस आयोजन से व्यापार और आम जनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, 'उनसे आग्रह किया गया था कि कारोबार को नुकसान न पहुँचाएँ, लेकिन वे अव्यवस्था फैलाने पर आमादा हैं।' उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के कुछ नेता कथित तौर पर फ्रांस और यूरोपीय देशों जैसी हिंसा की बात कर रहे हैं और नेपाल तथा बांग्लादेश जैसे हालात पैदा करना चाहते हैं।
कांग्रेस से जवाब-तलबी
धामी ने उत्तराखंड कांग्रेस नेतृत्व को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'आपको यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या आप अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के इन बयानों का समर्थन करते हैं। अगर नहीं करते और उत्तराखंड की जड़ों का सम्मान करते हैं, तो सार्वजनिक रूप से बोलें।'
गौरतलब है कि उत्तराखंड में अगले विधानसभा चुनाव से पहले BJP और कांग्रेस के बीच राज्य-अस्मिता के मुद्दे पर तीखी नोकझोंक लगातार बढ़ती जा रही है। यह बयानबाजी उसी राजनीतिक संघर्ष की एक कड़ी है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।