NSA अजित डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी से सियासत गरमाई, CM धामी बोले — देशहित दलगत राजनीति से ऊपर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता राहुल गांधी को इस बयान के लिए कभी माफ नहीं करेगी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीति करना उचित नहीं है।
विवाद की जड़ क्या है
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने NSA अजित डोभाल को 'देश का विलेन' बताया, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी कथित तौर पर विदेश की धरती पर की गई, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया।
गौरतलब है कि अजित डोभाल उत्तराखंड के मूल निवासी हैं और देश की सामरिक नीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया राज्य की भावनाओं को भी प्रतिबिंबित करती है।
धामी की कड़ी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट और वीडियो साझा करते हुए कहा कि 'देवभूमि उत्तराखंड के सपूत और देश के NSA अजित डोभाल का अपमान करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि राष्ट्र की सुरक्षा और देश का स्वाभिमान किसी भी राजनीतिक दल की सियासत से कहीं ऊपर है।'
धामी ने यह भी कहा कि विदेश की धरती पर जाकर देश की छवि धूमिल करना और सेना के शौर्य तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सवाल उठाना राहुल गांधी की 'राष्ट्रविरोधी सोच' को दर्शाता है।
उत्तराखंड की सैन्य विरासत का हवाला
मुख्यमंत्री धामी ने अपनी प्रतिक्रिया में उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने हमेशा देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि 'आखिर सैन्यभूमि उत्तराखंड के बढ़ते मान, सम्मान और स्वाभिमान से राहुल गांधी को इतनी दिक्कत क्यों है?'
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक नीतियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही वाद-विवाद जारी है। धामी की टिप्पणी ने इस बहस को एक नया आयाम दे दिया है।
आगे क्या होगा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, NSA जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को लेकर विपक्षी नेता की इस तरह की टिप्पणी आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक बहस का विषय बनी रह सकती है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अन्य नेताओं की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रियाएँ आने की संभावना है। देशहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखने की धामी की अपील राज्य की जनभावनाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन गई है।