24 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

देवभूमि अपमान विवाद: CM धामी ने अखिलेश यादव के 'घुसपैठिए' बयान को बताया उत्तराखंड के स्वाभिमान पर चोट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
देवभूमि अपमान विवाद: CM धामी ने अखिलेश यादव के 'घुसपैठिए' बयान को बताया उत्तराखंड के स्वाभिमान पर चोट

सारांश

अखिलेश यादव के 'उत्तराखंडी घुसपैठिए' वाले बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। CM धामी ने रामपुर तिराहा गोलीकाण्ड का हवाला देते हुए इसे देवभूमि के स्वाभिमान पर चोट बताया और कांग्रेस से भी जवाब माँगा — यह बयानबाज़ी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति को नई धार दे रही है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने मीडिया बातचीत में कथित तौर पर कहा कि उत्तर प्रदेश में 'सबसे बड़े घुसपैठिए उत्तराखंड से हैं।' CM पुष्कर सिंह धामी ने 24 अक्टूबर 2026 को एक्स पर 9 सेकंड का वीडियो शेयर कर बयान को देवभूमि का अपमान बताया।
धामी ने रामपुर तिराहा गोलीकाण्ड (1994) का उल्लेख करते हुए मुलायम सिंह यादव के शासनकाल की याद दिलाई।
उत्तराखंड BJP ने भी एक्स पोस्ट के माध्यम से अखिलेश यादव पर पलटवार किया।
धामी ने कांग्रेस से सीधे सवाल किया कि क्या वह अपने सहयोगी के इस बयान का समर्थन करती है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के 'घुसपैठिए' वाले बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देवभूमि उत्तराखंड के स्वाभिमान और संघर्ष का अपमान करार दिया है। धामी ने 24 अक्टूबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अखिलेश यादव का 9 सेकंड का वीडियो साझा करते हुए यह आपत्ति दर्ज कराई।

मुख्य विवाद: अखिलेश का बयान

मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कथित तौर पर कहा था कि उत्तर प्रदेश में 'सबसे बड़े घुसपैठिए उत्तराखंड से हैं।' इस बयान के बाद से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं की ओर से लगातार विरोध जताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह बयान उस समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहाड़ी मतदाताओं की भूमिका को लेकर चर्चाएँ चल रही हैं।

सीएम धामी की प्रतिक्रिया

धामी ने एक्स पर लिखा, 'उत्तराखंड देवभूमि भी है और वीरभूमि भी। इस पावन धरती ने देश को संत, सैनिक और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। अखिलेश यादव का उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना देवभूमि के स्वाभिमान और हमारे संघर्ष का अपमान है।'

धामी ने ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग यह भी नहीं भूले हैं कि जब मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब राज्य की माँग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलियाँ चली थीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'पिता के शासनकाल में उत्तराखंड के आंदोलनकारियों पर गोलियाँ चलीं और आज पुत्र उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कह रहे हैं।'

BJP का पलटवार और कांग्रेस से सवाल

उत्तराखंड BJP ने भी एक्स पोस्ट के ज़रिये पलटवार करते हुए कहा कि 'मुलायम सिंह यादव के शासन में उत्तराखंड आंदोलनकारियों पर गोलियाँ चली थीं और बेटा अखिलेश यादव उत्तराखंडियों को घुसपैठिया बता रहा है। देवभूमि के स्वाभिमान पर चोट करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।'

धामी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को भी घेरते हुए सवाल किया कि 'क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव के इस बयान का समर्थन करती है? क्या उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया कहना कांग्रेस को स्वीकार है? कांग्रेस को देवभूमि की जनता को जवाब देना चाहिए।'

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: रामपुर तिराहा काण्ड

गौरतलब है कि रामपुर तिराहा गोलीकाण्ड उत्तराखंड राज्य आंदोलन की सबसे दर्दनाक यादों में से एक है, जहाँ 1994 में पृथक राज्य की माँग कर रहे आंदोलनकारियों पर तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान कार्रवाई हुई थी। 2000 में उत्तराखंड को राज्य का दर्जा मिला। BJP इस ऐतिहासिक संदर्भ को बार-बार राजनीतिक विमर्श में उठाती रही है।

आगे की राजनीतिक दिशा

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है। समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राज्यों के बीच की क्षेत्रीय संवेदनशीलता को हवा देते हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और अखिलेश यादव के संभावित स्पष्टीकरण पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहाड़ी समुदाय की बढ़ती उपस्थिति को लेकर गहरी बेचैनी का संकेत है। BJP ने रामपुर तिराहा का संदर्भ उठाकर एक बार फिर वह पुरानी घाव ताज़ा किया जो उत्तराखंड की सामूहिक स्मृति में दशकों से जीवित है — यह राजनीतिक हथियार के रूप में इतिहास का सुविचारित इस्तेमाल है। असली सवाल यह है कि क्या INDIA गठबंधन के भीतर SP और कांग्रेस इस बयान पर एकजुट रह पाएँगे, या यह दरार को और चौड़ा करेगा। मुख्यधारा की कवरेज इस विवाद को केवल 'बयानबाज़ी' की तरह पेश कर रही है, जबकि इसकी जड़ें उत्तर प्रदेश में प्रवासी पहाड़ी मतदाताओं की बड़ी जनसंख्या और उनके राजनीतिक प्रभाव से जुड़ी हैं।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने 'घुसपैठिए' वाला बयान कब और कहाँ दिया?
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कथित तौर पर कहा कि उत्तर प्रदेश में 'सबसे बड़े घुसपैठिए उत्तराखंड से हैं।' यह बयान 24 अक्टूबर 2026 के आसपास सामने आया, जिसके बाद BJP नेताओं की ओर से लगातार विरोध जताया जा रहा है।
CM धामी ने अखिलेश यादव के बयान पर क्या जवाब दिया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर अखिलेश यादव का 9 सेकंड का वीडियो शेयर करते हुए इसे देवभूमि उत्तराखंड के स्वाभिमान और संघर्ष का अपमान बताया। उन्होंने रामपुर तिराहा गोलीकाण्ड का हवाला देकर कांग्रेस से भी इस बयान पर अपना रुख स्पष्ट करने की माँग की।
रामपुर तिराहा काण्ड क्या है जिसका धामी ने ज़िक्र किया?
रामपुर तिराहा काण्ड 1994 में मुजफ्फरनगर में हुई वह घटना है, जब उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की माँग कर रहे आंदोलनकारियों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान गोलियाँ चली थीं। यह घटना उत्तराखंड राज्य आंदोलन की सबसे दर्दनाक स्मृतियों में से एक है।
इस विवाद में कांग्रेस को क्यों घेरा जा रहा है?
CM धामी ने कांग्रेस को इसलिए घेरा क्योंकि समाजवादी पार्टी INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी है। धामी ने सीधे पूछा कि क्या कांग्रेस उत्तराखंड के लोगों को 'घुसपैठिया' कहे जाने को स्वीकार करती है, और उसे देवभूमि की जनता को जवाब देना चाहिए।
इस बयान का उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के मतदाता निवास करते हैं, जिससे यह बयान भविष्य के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान क्षेत्रीय संवेदनशीलता को भड़काते हैं और INDIA गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 22 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 3 सप्ताह पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले