धामी ने अखिलेश पर साधा निशाना: खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा कांड की दिलाई याद
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 अक्टूबर 2026 को हल्द्वानी में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की हल्द्वानी संबंधी टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए खटीमा गोलीकांड, मसूरी गोलीकांड और रामपुर तिराहा कांड की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि ये कांड मुलायम सिंह यादव की मुख्यमंत्रीकाल में हुए थे और उत्तराखंड इन्हें आज भी नहीं भूला है।
अमृतपुर-काठगोदाम बाईपास परियोजना
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि अमृतपुर-काठगोदाम बाईपास के अंतर्गत 75 मीटर लंबा पुल और 3.5 किलोमीटर लंबा मार्ग निर्माणाधीन है। उन्होंने कहा, 'यह दानीजाला से लेकर तिरसला घाट के आसपास से होकर निकलेगा और अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, कौसानी तथा रानीखेत जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को भारी जाम से राहत मिलेगी।'
उन्होंने आगे बताया कि परियोजना के लिए पूरी धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है और उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग तथा संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इसे अगले पर्यटन सीजन से पहले पूरा किया जाए।
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति
अखिलेश यादव की हल्द्वानी को लेकर की गई टिप्पणी पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रीकाल और पी. वी. नरसिम्हा राव की केंद्र सरकार के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसे दर्दनाक कांड हुए। उन्होंने कहा, 'मुजफ्फरनगर में सारी मर्यादाएँ तार-तार हो गई थीं। हमारी माताओं-बहनों के साथ जो अमानवीय घटनाएँ हुईं, उनकी पीड़ा आज भी हमारे स्मरण में है।'
धामी ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव की धर्मपत्नी स्वयं उत्तराखंड से संबंध रखती हैं, इसलिए उन्हें राज्य के बारे में इस प्रकार का बयान नहीं देना चाहिए था। उन्होंने उत्तराखंड को वीरभूमि और देवभूमि बताते हुए कहा कि देश के प्रत्येक पाँच सैनिकों में से एक उत्तराखंड का है।
कांग्रेस की न्याय यात्रा पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की न्याय यात्रा पर भी प्रहार किया और कहा कि यदि न्याय यात्रा निकालनी है तो उसका उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार का हिसाब भी देना चाहिए और यह भी बताना चाहिए कि पलायन कैसे रुकेगा और युवाओं को रोज़गार कैसे मिलेगा।
धामी ने रामलीला मैदान प्रकरण पर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि वहाँ किसी व्यक्ति या जाति के विरुद्ध कोई शुद्धि यज्ञ नहीं हुआ था, बल्कि वहाँ लगाए गए उन्मादी और भड़काऊ नारों के बाद शुद्धिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
नकल माफिया और अंकिता प्रकरण
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में 100 से अधिक नकल माफिया के विरुद्ध कार्रवाई हो चुकी है और हज़ारों युवाओं को पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से अवसर दिए गए हैं।
उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण पर कहा कि तीनों आरोपी आज जेल में हैं और कानूनी प्रक्रिया के तहत दंडित हो रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि बार-बार उस बेटी की पीड़ा को राजनीतिक लाभ के लिए भुनाना उचित नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी दलों की राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ होती जा रही हैं।