राहुल गांधी कॉमेडियन बन रहे हैं, भारतीय संस्कृति से अनजान: CM पुष्कर सिंह धामी का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4 अक्टूबर 2026 को बनबसा में एक विशेष बातचीत में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। धामी ने कहा कि राहुल गांधी अब नेता नहीं रहे, बल्कि कॉमेडियन बनने की कोशिश कर रहे हैं — और उनके आचरण में भारतीय संस्कृति की कोई झलक नहीं दिखती। यह टिप्पणी इंदौर में आयोजित कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के संदर्भ में आई।
राहुल गांधी पर सांस्कृतिक मूल्यों का सवाल
मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी को 'युवराज' कहकर संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि उनके व्यवहार और संस्कारों में भारतीय संस्कृति का अभाव स्पष्ट है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक बुजुर्ग महिला को कुर्सी देने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने इस संवेदनशील क्षण का मज़ाक उड़ाया — जो उनके अनुसार अत्यंत निम्न स्तर का व्यवहार है।
धामी ने कहा, 'मंचों से राहुल गांधी का व्यवहार और उनकी भाषा कई बार बेहद निम्न स्तर की होती है।' उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अपनी 'छात्र आउटरीच' मुहिम के तहत युवाओं से जुड़ने का प्रयास कर रही है।
अजीत डोभाल और जनरल बिपिन रावत का ज़िक्र
धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वे पूरे देश का गौरव और उत्तराखंड के सपूत हैं, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन भारत की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि डोभाल के विरुद्ध जिस तरह की भाषा का उपयोग किया जाता है, उसे उत्तराखंड ही नहीं, पूरा देश अस्वीकार करता है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत का भी ज़िक्र किया और कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा उनके खिलाफ की गई टिप्पणियाँ अक्षम्य हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जीवन समर्पित करने वाले सैन्य अधिकारियों का सम्मान अनिवार्य है।
यूसीसी और उत्तराखंड का वादा
धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर बोलते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने उत्तराखंड की जनता से UCC लागू करने का वचन दिया था। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों से विस्तृत बातचीत के बाद UCC का मसौदा तैयार किया गया और उस वादे को पूरा किया गया। धामी के अनुसार यह कानून अब पूरे देश में चर्चा और विस्तार का विषय बन रहा है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने UCC को लागू किया, और धामी इसे अपनी सरकार की प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं।
महिला सशक्तीकरण: 'लखपति दीदी' की संख्या 3.10 लाख पार
मुख्यमंत्री धामी ने महिला सशक्तीकरण के मोर्चे पर बताया कि उत्तराखंड में 'लखपति दीदी' की संख्या 3.10 लाख से अधिक हो चुकी है। राज्य की महिलाएँ स्वरोज़गार और उद्यमिता में तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं, और उनके उत्पादों की माँग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बढ़ रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना, दीदीभुली योजना, महालक्ष्मी किट योजना और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार के नए अवसर खुले हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं के विस्तार पर सरकार की नज़र है।