धामी का इंडी गठबंधन पर तंज: 'कृत्रिम संसद में भी राहुल गांधी को PM नहीं बना पाए'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 3 नवंबर 2026 को ऊधम सिंह नगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इंडी गठबंधन और कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। धामी ने कहा कि विपक्ष 'कृत्रिम संसद' के मंच पर भी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री घोषित नहीं कर पाया। यह बयान इंडी गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित प्रतीकात्मक 'जनता की महाभियोग' कार्रवाई की पृष्ठभूमि में आया है।
मुख्यमंत्री धामी का बयान
धामी ने आरोप लगाया कि जनता द्वारा नकारे जा चुके लोग सत्ता के बिना बेचैन हैं और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके परिवार ने लंबे समय तक देश की संसद का संचालन किया, लेकिन जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। इसके बाद कांग्रेस ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर 'कृत्रिम संसद' आयोजित की।
धामी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इस 'कृत्रिम संसद' में भी प्रियंका गांधी वाड्रा पीछे रह गईं और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नहीं बनाया जा सका।
दिवाली पर विरोध-प्रदर्शन और आर्थिक नुकसान का दावा
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि दिवाली हिंदुओं और सनातन धर्म को मानने वालों का बड़ा त्योहार है। उनके अनुसार, इस अवसर पर आयोजित विरोध-प्रदर्शनों से व्यापारियों और छोटे कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय के आकलन के मुताबिक इस कारण ₹20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।
इंडी गठबंधन की 'जनता की महाभियोग' कार्रवाई का संदर्भ
गौरतलब है कि इंडी गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध यह प्रतीकात्मक कार्रवाई आयोजित की थी। इसके बाद रविवार को विपक्षी गठबंधन ने रामलीला मैदान, नई दिल्ली में 'दिल्ली चलो' रैली भी की।
रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार द्वारा की गई कथित 'वोट चोरी' कानूनी भाषा में 'दुर्लभ से दुर्लभतम' श्रेणी का मामला है।
राहुल गांधी के आरोप
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर ईवीएम के इस्तेमाल और देश की मतदाता सूचियों से 13.5 करोड़ नाम हटाने के ज़रिए वोट चोरी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए ज्ञानेश कुमार ने जो किया है, वह देशद्रोह और प्रत्येक नागरिक की आवाज़ की चोरी के समान है। राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि संविधान और लोकतंत्र पर कथित हमले के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त, प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह — तीनों को परिणाम भुगतने होंगे।
राजनीतिक तस्वीर
यह टकराव ऐसे समय में तेज हुआ है जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है, और सत्तापक्ष इसे सत्ता-वंचित दलों की बेचैनी करार देता रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद सत्र और राज्यों के चुनावी परिप्रेक्ष्य में और गर्म होने की संभावना है।