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हल्द्वानी में कांग्रेस का गांधीवादी सत्याग्रह, राहुल गांधी पर दर्ज FIR वापसी की मांग

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हल्द्वानी में कांग्रेस का गांधीवादी सत्याग्रह, राहुल गांधी पर दर्ज FIR वापसी की मांग

सारांश

हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में कांग्रेस ने चरखा चलाकर गांधीवादी सत्याग्रह शुरू किया — राहुल गांधी पर दर्ज FIR और कथित 'शुद्धिकरण' कांड के विरोध में। डॉ. सुनील पवार ने CM धामी पर सीधा निशाना साधा। यह विरोध उत्तराखंड में दलित राजनीति को नई धार दे सकता है।

मुख्य बातें

3 सितंबर को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधीवादी सत्याग्रह शुरू किया।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.
सुनील पवार सत्याग्रह में शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी पर दर्ज FIR तत्काल वापस लेने की माँग की।
रामलीला मैदान में कथित 'शुद्धिकरण' करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की भी माँग उठाई गई।
पवार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर कथित शुद्धिकरण का समर्थन करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 3 सितंबर को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया — दलितों के कथित उत्पीड़न और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरुद्ध दर्ज मुकदमे के विरोध में। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पवार भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यकर्ता चरखा चलाकर गांधीवादी परंपरा में अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

मुख्य मांगें

आंदोलनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए राहुल गांधी पर दर्ज मुकदमा तत्काल वापस लेने की माँग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज करना संविधान की भावना के विरुद्ध है। इसके साथ ही, रामलीला मैदान में कथित 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की माँग उठाई गई।

नेताओं की प्रतिक्रिया

डॉ. सुनील पवार ने पत्रकारों से कहा, 'हम आज लोकतंत्र और संविधान के लिए सत्याग्रह पर बैठे हैं। हल्द्वानी के अंदर जो घटना हुई, उसे पूरे राष्ट्र ने देखा। खड़गे की रैली के बाद BJP और RSS के लोग शुद्धिकरण करते हैं। सबसे दुखद वो है, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसका समर्थन करते हैं। वे संविधान को हटाकर दोबारा मनुस्मृति को संविधान के तौर पर लाना चाहते हैं, जो सरासर गलत है।'

आंदोलनकारी नीरज तिवारी ने कहा, 'खड़गे का कार्यक्रम भव्य और दिव्य था। उसकी बौखलाहट में तथाकथित लोगों द्वारा शुद्धिकरण का कार्यक्रम उस स्थान पर किया गया, जहाँ खड़गे आए थे। इसके विपरीत राहुल गांधी पर FIR दर्ज करा दी गई, जो पूरी तरह से गलत है।'

संगठन की समन्वयक राधा आर्या ने कहा, 'चरखा चलाकर संदेश दिया जा रहा है कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए, लेकिन शासन-प्रशासन तैयार नहीं है।'

सत्याग्रह की पृष्ठभूमि

यह आंदोलन उस विवाद के बाद शुरू हुआ जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित तौर पर उस स्थान का 'शुद्धिकरण' किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यह कृत्य दलित विरोधी भावना को दर्शाता है। गौरतलब है कि इस पूरे प्रकरण में राहुल गांधी के खिलाफ भी एक मुकदमा दर्ज किया गया, जिसे पार्टी राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है।

आगे क्या

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और विस्तार दिया जाएगा। उत्तराखंड में यह विरोध प्रदर्शन राज्य में दलित राजनीति और संवैधानिक अधिकारों की बहस को नई धार दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जितनी तेज़ी से राहुल गांधी पर FIR दर्ज हुई — यह असमानता ही इस पूरे विवाद की जड़ है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्द्वानी में कांग्रेस का सत्याग्रह किस बात के विरोध में है?
यह सत्याग्रह दो मुद्दों पर है — कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR और हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
राहुल गांधी पर FIR क्यों दर्ज हुई?
स्रोत के अनुसार, हल्द्वानी में हुई घटनाओं के संदर्भ में राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज किया गया। कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है और FIR की तत्काल वापसी की माँग कर रही है।
रामलीला मैदान 'शुद्धिकरण' विवाद क्या है?
कांग्रेस का आरोप है कि खड़गे की रैली के बाद BJP और RSS से जुड़े लोगों ने उस स्थान का 'शुद्धिकरण' किया। कांग्रेस नेताओं ने इसे दलित-विरोधी कृत्य बताते हुए दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की माँग की है।
सत्याग्रह में कौन-कौन से नेता शामिल हुए?
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पवार, आंदोलनकारी नीरज तिवारी और संगठन की समन्वयक राधा आर्या प्रमुख रूप से शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने चरखा चलाकर गांधीवादी परंपरा में विरोध दर्ज किया।
क्या यह आंदोलन आगे बढ़ेगा?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकेत दिया है कि माँगें न मानी जाने पर आंदोलन को और विस्तार दिया जाएगा। फिलहाल यह प्रदर्शन हल्द्वानी के बुद्ध पार्क तक सीमित है।
राष्ट्र प्रेस
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