विश्वास सारंग का तंज: 'राहुल गांधी को परिपक्व होने में अभी और समय लगेगा'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने गुरुवार, 3 सितंबर को भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। सारंग ने कहा कि राहुल गांधी 'स्क्रिप्टेड भाषण' देते हैं और दूसरों के मार्गदर्शन पर निर्भर रहते हैं। उनके अनुसार, 'अभी उन्हें परिपक्व होने में समय लगेगा।'
राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे पर सवाल
सारंग ने राहुल गांधी के प्रस्तावित मध्य प्रदेश दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'अब वो यहाँ क्यों आ रहे हैं, यह वही बता सकते हैं।' मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार अपने कार्यक्रम की तारीख बदल रहे हैं, जिससे 'साफ जाहिर होता है कि उनकी तैयारी पूरी नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हर बार ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिनका कोई ठोस अर्थ नहीं होता और आज की स्थिति में उनके पक्ष में कोई नहीं है।
सहकारिता में नवाचार: केसीसी ऑनलाइन सुविधा
राजनीतिक टिप्पणी के साथ-साथ सारंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में हो रहे नवाचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऑनलाइन प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें सहकारिता विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। किसान कंप्यूटर के माध्यम से केसीसी से ऋण ले सकेंगे।
रबी-खरीफ ऋण एक साथ, 'कवच योजना' भी लागू होगी
सारंग ने बताया कि जिस प्रकार वाणिज्यिक बैंक किसानों को रबी और खरीफ का ऋण एक साथ देते हैं, उसी तर्ज पर सहकारिता विभाग भी यह व्यवस्था लागू करेगा। इससे किसानों को बार-बार देय तिथि की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा, विभाग 'कवच योजना' भी लाया है — इस योजना के तहत यदि किसी सोसायटी में अधिकारियों की ओर से कोई अनियमितता होती है, तो उसका बोझ किसानों पर नहीं पड़ेगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई किसान डिफॉल्टर न बने।
सरकार की प्राथमिकता: किसान और खेती
सारंग ने जोर देकर कहा कि 'किसान और खेती हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने इन पहलों को किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में एक 'बहुत बड़ी पहल' बताया। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा ले रही है। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार की कार्यप्रणाली की असली परीक्षा होगी।