4 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश में किसानों से वादाखिलाफी: कमलनाथ का BJP सरकार पर तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश में किसानों से वादाखिलाफी: कमलनाथ का BJP सरकार पर तीखा हमला

सारांश

मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन के महज चार दिन बाद BJP सरकार के वादे खोखले साबित हो रहे हैं — न मूंग खरीद हुई, न खाद मिली। कमलनाथ ने 27 लाख किसानों की कर्ज माफी का हवाला देते हुए BJP पर तीखा निशाना साधा।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 4 अगस्त को BJP सरकार पर किसानों से वादाखिलाफी का आरोप लगाया।
सरकार ने किसान आंदोलन के बाद कुल उपज की 60 प्रतिशत मूंग खरीद और खाद आपूर्ति का वादा किया था।
वादे चार दिन में टूट गए — खाद की लाइन में एक महिला किसान बेहोश होकर गिरी।
कमलनाथ ने अपने 15 महीने के कार्यकाल में 27 लाख किसानों की कर्ज माफी का उल्लेख किया।
उन्होंने सरकार से माँग की कि किसानों से किए सभी वादे तुरंत पूरे किए जाएँ।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 4 अगस्त को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि वह किसानों से किए गए वादों से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि खाद की किल्लत और मूंग खरीद में देरी से किसानों का गुस्सा चरम पर पहुँच रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश के किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया था और भोपाल की सड़कों पर दो दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। उस समय राज्य सरकार ने दो प्रमुख आश्वासन दिए थे — पहला, कुल उपज की 60 प्रतिशत मूंग की सरकारी खरीद की जाएगी; और दूसरा, किसानों को खाद की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी। कमलनाथ के अनुसार, यह वादे चार दिन भी नहीं टिक सके।

खाद संकट की गंभीर तस्वीर

कमलनाथ ने बताया कि किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि खाद की लाइन में खड़ी एक महिला किसान बेहोश होकर गिर पड़ी। उन्होंने कहा कि झूठे वादों से किसानों का आक्रोश शांत नहीं होता, बल्कि नाराज़गी और गहरी हो जाती है।

कमलनाथ का कार्यकाल: तुलनात्मक दृष्टि

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने 15 महीने के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया था। फसल नुकसान पर ऑन-स्पॉट मुआवजे की व्यवस्था की गई थी और किसानों की हर माँग को गंभीरता से लिया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि फिर से बन रही है।

सरकार से माँग

कमलनाथ ने राज्य सरकार से स्पष्ट माँग की है कि किसानों से किए गए सभी वादे तुरंत पूरे किए जाएँ और किसानों को दोबारा आंदोलन की राह पर जाने के लिए विवश न किया जाए। गौरतलब है कि यह तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन अपने चरम पर है और कृषि संकट चुनावी संवेदनशीलता का विषय बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज एक अहम तथ्य अनदेखा कर देती है — कांग्रेस की अपनी कर्ज माफी योजना भी अपने कार्यकाल की समाप्ति तक पूरी तरह लागू नहीं हो पाई थी। असली सवाल यह है कि मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन के दौरान खाद वितरण तंत्र बार-बार क्यों चरमराता है — यह किसी एक सरकार की नहीं, बल्कि प्रणालीगत विफलता की कहानी है। 60 प्रतिशत मूंग खरीद का वादा बिना बजट आवंटन और खरीद केंद्रों की तैयारी के किया गया था, जो इसकी व्यवहार्यता पर शुरू से ही सवाल खड़े करता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में किसानों ने हाल ही में किस बात को लेकर आंदोलन किया था?
किसानों ने मूंग की सरकारी खरीद और खाद आपूर्ति की माँग को लेकर भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया और दो दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। सरकार ने आंदोलन खत्म कराने के लिए 60 प्रतिशत मूंग खरीद और खाद की निर्बाध आपूर्ति का वादा किया था।
कमलनाथ ने BJP सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने किसानों से किए वादे महज चार दिन में तोड़ दिए — न मूंग की खरीद हुई और न खाद की किल्लत दूर हुई। उन्होंने कहा कि झूठे वादों से किसानों का गुस्सा और बढ़ता है।
कमलनाथ के कार्यकाल में किसानों के लिए क्या किया गया था?
कमलनाथ के अनुसार, उनकी 15 महीने की सरकार में 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया था और फसल नुकसान पर ऑन-स्पॉट मुआवजे की व्यवस्था की गई थी।
खाद संकट कितना गंभीर है?
कमलनाथ के बयान के अनुसार, खाद की लाइन में खड़ी एक महिला किसान बेहोश होकर गिर पड़ी। किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं, जो संकट की गंभीरता दर्शाता है।
कमलनाथ ने सरकार से क्या माँग की है?
उन्होंने राज्य सरकार से माँग की है कि किसानों से किए गए सभी वादे तुरंत पूरे किए जाएँ और किसानों को दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर न किया जाए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले