मध्य प्रदेश में किसानों से वादाखिलाफी: कमलनाथ का BJP सरकार पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 4 अगस्त को राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए कि वह किसानों से किए गए वादों से मुकर रही है। उन्होंने कहा कि खाद की किल्लत और मूंग खरीद में देरी से किसानों का गुस्सा चरम पर पहुँच रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
पिछले हफ्ते मध्य प्रदेश के किसानों ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया था और भोपाल की सड़कों पर दो दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था। उस समय राज्य सरकार ने दो प्रमुख आश्वासन दिए थे — पहला, कुल उपज की 60 प्रतिशत मूंग की सरकारी खरीद की जाएगी; और दूसरा, किसानों को खाद की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी। कमलनाथ के अनुसार, यह वादे चार दिन भी नहीं टिक सके।
खाद संकट की गंभीर तस्वीर
कमलनाथ ने बताया कि किसान खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि खाद की लाइन में खड़ी एक महिला किसान बेहोश होकर गिर पड़ी। उन्होंने कहा कि झूठे वादों से किसानों का आक्रोश शांत नहीं होता, बल्कि नाराज़गी और गहरी हो जाती है।
कमलनाथ का कार्यकाल: तुलनात्मक दृष्टि
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने 15 महीने के कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया था। फसल नुकसान पर ऑन-स्पॉट मुआवजे की व्यवस्था की गई थी और किसानों की हर माँग को गंभीरता से लिया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि फिर से बन रही है।
सरकार से माँग
कमलनाथ ने राज्य सरकार से स्पष्ट माँग की है कि किसानों से किए गए सभी वादे तुरंत पूरे किए जाएँ और किसानों को दोबारा आंदोलन की राह पर जाने के लिए विवश न किया जाए। गौरतलब है कि यह तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन अपने चरम पर है और कृषि संकट चुनावी संवेदनशीलता का विषय बनता जा रहा है।