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मध्य प्रदेश: उमंग सिंघार का आरोप — गेहूं खरीदी में अव्यवस्था, किसान परेशान

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मध्य प्रदेश: उमंग सिंघार का आरोप — गेहूं खरीदी में अव्यवस्था, किसान परेशान

सारांश

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी सीज़न के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सर्वर डाउन और स्लॉट गायब जैसी खामियों का हवाला देते हुए सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। साथ ही UCC कमेटी, ओबीसी आरक्षण और महिला आरक्षण पर भी भाजपा सरकार को सीधे घेरा।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 29 अप्रैल 2026 को गेहूं खरीदी में सर्वर डाउन और स्लॉट गायब की समस्या उजागर की।
उन्होंने कहा कि पहले पर्ची कटते ही तुलाई होती थी, अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक रहा है।
UCC के लिए बनी 6-7 सदस्यीय कमेटी पर सवाल — दलित व आदिवासी समावेश अभी भी अस्पष्ट।
ओबीसी आरक्षण पर आरोप: प्रदेश में 50% से अधिक आबादी के बावजूद अधिकार अदालत के पाले में।
महिला आरक्षण पर सरकार के 2029 के वादे को सिंघार ने बंद कमरों की राजनीति बताया।

मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 29 अप्रैल 2026 को भोपाल में आरोप लगाया कि राज्य में गेहूं खरीदी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और किसान सर्वर डाउन, स्लॉट गायब जैसी तकनीकी खामियों के कारण परेशान हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार तमाम दावे और वादे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

गेहूं खरीदी में अव्यवस्था

सिंघार ने कहा कि पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट-आधारित व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है। उनके अनुसार, इस सीज़न में खरीदी पहले ही देर से शुरू हुई और अब उसके दौरान भी लगातार बाधाएँ आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य आखिर कब मिलेगा।

महिला आरक्षण और यूसीसी पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि एक ओर सरकार 2029 के सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर बंद कमरों में फैसले लिए जा रहे हैं। समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल 6-7 लोगों की कमेटी मध्य प्रदेश का भविष्य तय करेगी और क्या भाजपा सरकार के लिए जनता की राय कोई मायने नहीं रखती।

दलित, आदिवासी और UCC

सिंघार ने दलित और आदिवासी समाज को लेकर सरकार की चुप्पी पर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि UCC में दलित और आदिवासी समुदाय को शामिल किया जाएगा या नहीं। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में UCC के दायरे और इन समुदायों पर इसके प्रभाव को लेकर बहस जारी है।

ओबीसी आरक्षण पर आरोप

नेता प्रतिपक्ष ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी होने के बावजूद सरकार उन्हें अधिकार देने में हिचकिचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ओबीसी का वोट तो चाहती है, लेकिन उनका हक देने को तैयार नहीं है। सिंघार ने यह भी कहा कि ओबीसी चेहरों को आगे रखकर राजनीति की जा रही है, जबकि उनके अधिकारों को अदालत के पाले में डाल दिया गया है।

आगे क्या

सिंघार के इन बयानों से स्पष्ट है कि विपक्ष गेहूं खरीदी, UCC, महिला आरक्षण और ओबीसी अधिकारों के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति पर है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले ये मुद्दे राजनीतिक रूप से संवेदनशील बने रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

दलित, आदिवासी और ओबीसी — सभी मुद्दों को एक साथ उठाकर सरकार को रक्षात्मक स्थिति में लाया जाता है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या गेहूं खरीदी की तकनीकी खामियाँ वाकई नीतिगत विफलता हैं या क्रियान्वयन की कमज़ोरी — दोनों में फर्क है और विपक्ष इसे जानबूझकर धुंधला करता है। UCC कमेटी की संरचना और दलित-आदिवासी समावेश पर जो सवाल उठाए गए हैं, वे वैध हैं और सरकार को इनका स्पष्ट जवाब देना चाहिए। ओबीसी आरक्षण का मुद्दा अदालत में होने की बात सच है, लेकिन यह भी सच है कि राजनीतिक दल इसे चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमंग सिंघार ने गेहूं खरीदी को लेकर क्या आरोप लगाए?
उमंग सिंघार ने कहा कि मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी के दौरान सर्वर डाउन और स्लॉट गायब होने की समस्याओं के कारण किसान परेशान हैं। उनके अनुसार, इंटरनेट-आधारित व्यवस्था ने पुरानी पर्ची-तुलाई प्रणाली की तुलना में किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मध्य प्रदेश में UCC कमेटी पर विवाद क्यों है?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि केवल 6-7 सदस्यों की कमेटी मध्य प्रदेश का भविष्य कैसे तय कर सकती है। उन्होंने यह भी पूछा कि दलित और आदिवासी समुदाय को UCC के दायरे में शामिल किया जाएगा या नहीं, जो अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है।
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा क्या है?
सिंघार के अनुसार, प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक ओबीसी आबादी होने के बावजूद सरकार उन्हें उनका आरक्षण अधिकार देने में हिचकिचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ओबीसी का वोट चाहती है लेकिन उनके अधिकार अदालत के पाले में डाल दिए गए हैं।
महिला आरक्षण पर सिंघार ने क्या कहा?
सिंघार ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण के लिए 2029 का सपना दिखा रही है, जबकि असल फैसले बंद कमरों में लिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यह महिलाओं के साथ राजनीतिक छलावा है।
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी कब शुरू हुई और क्या समस्याएँ हैं?
इस सीज़न में गेहूं खरीदी देर से शुरू हुई और उसके बाद भी तकनीकी बाधाएँ बनी रहीं। सर्वर डाउन और ऑनलाइन स्लॉट न मिलने की समस्याओं के कारण किसानों को मंडियों में लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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